'अफवाहों का अखाड़ा' बनने लगा व्हाट्सएप
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/08/WhatsApp-become-an-arena-of-rumours.html
जयपुर। सूचनाओं के आदान-प्रदान में अहम् भागीदारी निभाने का माद्दा रहने वाली सोशल नेट्वर्किंग ऐप व्हाट्सऐप, जहां इसके उपयोगकर्ता एक-दूसरे को आसानी से और त्वरित प्रभाव से ऑडियो, वीडियो और फोटोज समेत अन्य प्रकार की सूचनाएं भेज सकते हैं।
इसी ऐप पर इन दिनों एक के बाद एक अफवाहों के दौर को देखते हुए लगने लगा है कि व्हाट्सऐप अब अफवाहों का अखाड़ा बनता जा रहा है, जहां लोग बिना सोचे-समझे अपने नंबर पर आने वाली सूचनाओं को तुरंत फॉरवर्ड कर देते हैं, जिससे अफवाहों और गलतफहमियों का सिलसिला पनपने लगता है।
इन दिनों कुछ ऐसी ही अफवाहों का शिकार बन रहे हैं अजमेर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार। व्हाट्सऐप पर इन दिनों एक मैसेज को वायरल किए जाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें अजमेर के एसपी विकास कुमार का अजमेर से कोटा में तबादला किए जाने के साथ ही इसके विरोध में अनिश्चितकाल के लिए अजमेर बंद करने की अपील और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का विरोध किया जा रहा है।
मैसेज में लिखा है कि, "अजमेर पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार का कोटा ट्रान्सफर किया गया। या यूं कह लो कि सीएम वसुंधरा की काली कमाई बंद हो गई इसलिए उन्होंने एसपी साहब को हटाने का नया तरीका निकाला और कोटा प्रमोशन कर दिया।"
इसके साथ ही अजमेर के निवासियों से अपील की गई है कि एसपी विकास कुमार का तबादला किए जाने के विरोध में अनिश्चितकाल के लिए अजमेर बंद रखकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का विरोध किया जाए। इस बारे में जानकारी मिलने पर जब पता किया गया तो सामने आया कि अजमेर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार का ट्रांसफर नहीं हुआ है, ये महज अफवाह है और कुछ लोगों के द्वारा अजमेर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास है।
बहरहाल, यह पहला मामला नहीं है जब कोई व्हाट्सऐप की अफवाहों का शिकार बना हो। इससे पहले भी कई बार कई लोग इस तरह से कुछ लोगों द्वारा की गई शरारतों का शिकार बन चुके हैं, जिसके चलते ही पुलिस-प्रशासन ने व्हाट्सऐप ग्रुप्स में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए कुछ नियम बनाए हैं। लेकिन फिर भी कई लोग व्हाट्सऐप, फेसबुक समेत अन्य कई बहुउपयोगी सोशल नेट्वर्किंग साइट्स एवं ऐप्स का दुरूपयोग करते हैं और अपने पास आने वाली सूचनाओं को बिना सोचे-समझे फॉरवर्ड कर देते हैं।
इसी ऐप पर इन दिनों एक के बाद एक अफवाहों के दौर को देखते हुए लगने लगा है कि व्हाट्सऐप अब अफवाहों का अखाड़ा बनता जा रहा है, जहां लोग बिना सोचे-समझे अपने नंबर पर आने वाली सूचनाओं को तुरंत फॉरवर्ड कर देते हैं, जिससे अफवाहों और गलतफहमियों का सिलसिला पनपने लगता है।
इन दिनों कुछ ऐसी ही अफवाहों का शिकार बन रहे हैं अजमेर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार। व्हाट्सऐप पर इन दिनों एक मैसेज को वायरल किए जाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें अजमेर के एसपी विकास कुमार का अजमेर से कोटा में तबादला किए जाने के साथ ही इसके विरोध में अनिश्चितकाल के लिए अजमेर बंद करने की अपील और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का विरोध किया जा रहा है।
मैसेज में लिखा है कि, "अजमेर पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार का कोटा ट्रान्सफर किया गया। या यूं कह लो कि सीएम वसुंधरा की काली कमाई बंद हो गई इसलिए उन्होंने एसपी साहब को हटाने का नया तरीका निकाला और कोटा प्रमोशन कर दिया।"
इसके साथ ही अजमेर के निवासियों से अपील की गई है कि एसपी विकास कुमार का तबादला किए जाने के विरोध में अनिश्चितकाल के लिए अजमेर बंद रखकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का विरोध किया जाए। इस बारे में जानकारी मिलने पर जब पता किया गया तो सामने आया कि अजमेर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार का ट्रांसफर नहीं हुआ है, ये महज अफवाह है और कुछ लोगों के द्वारा अजमेर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास है।
बहरहाल, यह पहला मामला नहीं है जब कोई व्हाट्सऐप की अफवाहों का शिकार बना हो। इससे पहले भी कई बार कई लोग इस तरह से कुछ लोगों द्वारा की गई शरारतों का शिकार बन चुके हैं, जिसके चलते ही पुलिस-प्रशासन ने व्हाट्सऐप ग्रुप्स में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए कुछ नियम बनाए हैं। लेकिन फिर भी कई लोग व्हाट्सऐप, फेसबुक समेत अन्य कई बहुउपयोगी सोशल नेट्वर्किंग साइट्स एवं ऐप्स का दुरूपयोग करते हैं और अपने पास आने वाली सूचनाओं को बिना सोचे-समझे फॉरवर्ड कर देते हैं।
