रिश्वत के आरोप में नगर परिषद सभापति गिरफ्तार
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/08/jalore-chairman-arrested-for-taking-bribe.html
जालोर। बिचौलिए के जरिए रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी टीम पाली ने बुधवार दोपहर को नगर परिषद के सभापति को गिरफ्तार किया है। एसीबी पाली के उप-अधीक्षक अनराज सिंह ने बताया कि सीसी रोड निर्माण करने वाले ठेकेदार जितेंद्र परिहार से करीब 7 लाख रुपए का भुगतान करने की एवज में सभापति भंवरलाल माली ने 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बाद में मामला 35 हजार रुपए में तय हुआ।
बुधवार को बिचैलिए देवेंद्र आचार्य के सहारे रिश्वत ली जा रही थी। इस दौरान पाली एसीबी टीम ने उसे नगरपरिषद स्थित चैंबर से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दूसरी टीम ने बिचैलिए को कॉलेज चौराहे के पास से पकड़ लिया। बाद में दोनों को पुलिस लाइन स्थित विश्राम कक्ष में ले जाया गया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से नगर परिषद सभापति को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद नगर परिषद में हड़कंप मच गया। एसीबी ने नगर परिषद कार्यालय से लंबित पत्रावलियों को भी कब्जे में कर लिया है। वहीं सभापति के कमरे को सील कर दिया गया है।
परिवादी जितेंद्र ने सभापति के बिचौलिया के बताए स्थान कॉलेज तिराहे पर जाकर जैसे ही रिश्वत के 35 हजार रुपए दिए उसे एसीबी की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसी समय बिचौलिए की बात सभापति भंवर लाल से कराई गई।
उससे इस बात की पुष्टि हो गई कि सभापति के कहने के आधार पर ही बिचौलिए ने परिवादी से राशि ली थी। इस पर एसीबी की टीम ने नगर परिषद से भंवरलाल को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार को बिचैलिए देवेंद्र आचार्य के सहारे रिश्वत ली जा रही थी। इस दौरान पाली एसीबी टीम ने उसे नगरपरिषद स्थित चैंबर से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दूसरी टीम ने बिचैलिए को कॉलेज चौराहे के पास से पकड़ लिया। बाद में दोनों को पुलिस लाइन स्थित विश्राम कक्ष में ले जाया गया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से नगर परिषद सभापति को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद नगर परिषद में हड़कंप मच गया। एसीबी ने नगर परिषद कार्यालय से लंबित पत्रावलियों को भी कब्जे में कर लिया है। वहीं सभापति के कमरे को सील कर दिया गया है।
परिवादी जितेंद्र ने सभापति के बिचौलिया के बताए स्थान कॉलेज तिराहे पर जाकर जैसे ही रिश्वत के 35 हजार रुपए दिए उसे एसीबी की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसी समय बिचौलिए की बात सभापति भंवर लाल से कराई गई।
उससे इस बात की पुष्टि हो गई कि सभापति के कहने के आधार पर ही बिचौलिए ने परिवादी से राशि ली थी। इस पर एसीबी की टीम ने नगर परिषद से भंवरलाल को गिरफ्तार कर लिया।