जुगाड़ के सहारे विद्युत निगम की सम्पति का रख-रखाव
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/02/maintenance-on-support-of-managed-assets.html
जयपुर। राजधानी जयपुर में बाईस गोदाम और सोडाला को आपस में जोड़ने वाले व्यस्ततम मार्ग हवा सड़क के बीच नंदपुरी मोड़ पर सड़क किनारे लगे एक विद्युत सर्किट की दयनीय हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में विद्युत वितरण निगम अपनी सम्पति के रखरखाव को लेकर कितना मुस्तैद है और इनका रख-रखाव किस तरह से 'जुगाड़' पद्धति के सहारे किया जा रहा है।
इलाके में बिजली सप्लाई कंट्रोल के लिए यहां लगे सर्किट की हालत यह है कि इसका दरवाजा ना सिर्फ टूट चुका है बल्कि पूरी तरह से अलग भी हो गया है, जिसे सिर्फ प्लास्टिक की डोरी के सहारे बांधकर रोक रखा है। जबकि इसके समीप ही स्थित दुकानों पर लोगों का आना जाना लगा रहता है और यहीं पर खड़े होकर लोग बस का इंतजार भी करते हैं।
ऐसे में अगर प्लास्टिक की ये डोरी भी कट जाये तो इस सर्किट का दरवाजा पूरी तरह से खुल सकता है और सर्किट में बह रही विद्युत सप्लाई से कभी भी किसी हादसे का अंदेशा बना हुआ रहता है। लेकिन इसकी शिकायत किए जाने के बावजूद विद्युत निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी सम्पति का किस कदर बेजा इस्तेमाल किया जा रहा है और विद्युत निगम इनके रखरखाव को लेकर किस कदर मुस्तैद है।
इलाके में बिजली सप्लाई कंट्रोल के लिए यहां लगे सर्किट की हालत यह है कि इसका दरवाजा ना सिर्फ टूट चुका है बल्कि पूरी तरह से अलग भी हो गया है, जिसे सिर्फ प्लास्टिक की डोरी के सहारे बांधकर रोक रखा है। जबकि इसके समीप ही स्थित दुकानों पर लोगों का आना जाना लगा रहता है और यहीं पर खड़े होकर लोग बस का इंतजार भी करते हैं।
ऐसे में अगर प्लास्टिक की ये डोरी भी कट जाये तो इस सर्किट का दरवाजा पूरी तरह से खुल सकता है और सर्किट में बह रही विद्युत सप्लाई से कभी भी किसी हादसे का अंदेशा बना हुआ रहता है। लेकिन इसकी शिकायत किए जाने के बावजूद विद्युत निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी सम्पति का किस कदर बेजा इस्तेमाल किया जा रहा है और विद्युत निगम इनके रखरखाव को लेकर किस कदर मुस्तैद है।