राजस्थान की पहली विधानसभा के एकमात्र जीवित सदस्य जुझार सिंह का निधन
https://khabarrn1.blogspot.com/2016/12/veteran-congress-leader-jujhar-singh-passed-away.html
कोटा। पूर्व मंत्री एवं सांसद रह चुके कांग्रेस के दिग्जत नेता जुझार सिंह का आज कोटा में उनके निवास स्थान पर निधन हो गया। वे 97 साल के थे और पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। जुझार सिंह राजस्थान की पहली विधानसभा के एकमात्र जीवित सदस्य थे। वे पूर्व मंत्री भरत सिंह के पिता थे और वे राज्य में मंत्री तथा झालावाड़ से सांसद रह चुके हैं। उनका अंतिम संस्कार कल शुक्रवार को कोटा में होगा, जिसमें कांग्रेस के कई दिग्गज नेतागण शामिल होंगे।
गौरतलब है कि जुझार सिंह ने वर्ष 1952 में रामराज्य परिषद पार्टी से खानपुर झालावाड़ से विधायक का चुनाव जीता। उसके बाद कांग्रेस में शामिल होकर कांग्रेस के ही होकर रह गए। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार जुझार सिंह का एक समय में झालावाड़ में डंका बजता था। जुझार सिंह को सियासत की सौगात विरासत में मिली थी और यही विरासत राजस्थान सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके उनके पुत्र भरत सिंह को मिली।
जुझार सिंह एक संघर्ष का नाम है, जो रजवाड़ों के नज़दीक होने से जनता से सीधे जुड़े रहे और जनता के कामकाज में सीधा हाथ बंटा कर उन्हें न्याय दिलवाने की परम्परा ने इन्हे जनता का लोकप्रिय बनाया था। जुझार सिंह पहली विधानसभा के दिग्गज, तेज़तर्रार विधायकों में से थे, जिन्हें उनकी लोकप्रियता देखकर राजस्थान सरकार में पर्यटन मंत्री बनाया गया था।
गौरतलब है कि जुझार सिंह ने वर्ष 1952 में रामराज्य परिषद पार्टी से खानपुर झालावाड़ से विधायक का चुनाव जीता। उसके बाद कांग्रेस में शामिल होकर कांग्रेस के ही होकर रह गए। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार जुझार सिंह का एक समय में झालावाड़ में डंका बजता था। जुझार सिंह को सियासत की सौगात विरासत में मिली थी और यही विरासत राजस्थान सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके उनके पुत्र भरत सिंह को मिली।
जुझार सिंह एक संघर्ष का नाम है, जो रजवाड़ों के नज़दीक होने से जनता से सीधे जुड़े रहे और जनता के कामकाज में सीधा हाथ बंटा कर उन्हें न्याय दिलवाने की परम्परा ने इन्हे जनता का लोकप्रिय बनाया था। जुझार सिंह पहली विधानसभा के दिग्गज, तेज़तर्रार विधायकों में से थे, जिन्हें उनकी लोकप्रियता देखकर राजस्थान सरकार में पर्यटन मंत्री बनाया गया था।
