एयरपोर्ट के समीप नहीं होगा 15 मीटर से ऊंचा निर्माण
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/07/construction-above-15-meter-would-not-allow-near-airport.html
जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) आयुक्त शिखर अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित भवन मानचित्र समिति (बीपी) की बैठक में आर्थिक दृष्टि से कमजोर एवं अल्प आय वर्ग के लिए छह माह (तीन माह नि:शुल्क एवं शेष तीन माह मय पेनल्टी) के नियत समय में लैट्स का निर्माण कार्य शुरू नहीं करने की वजह से दस विकासकर्ताओं पर पेनल्टी लगाई गई, जिससे करीब 8 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया जाएगा। वहीं एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया, जिसके अनुसार जयपुर एयरपोर्ट के आसपास निर्माणाधीन तीन परियोजनाओं में 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले निर्माण को अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक में 25 आवासीय, 10 व्यावसायिक, 3 रिसोर्ट, एक हो योपेथी कॉलेज तथा ईडब्ल्यूएस/एलआईजी लैट्स की चार परियोजनाओं का अनुमोदन भी किया गया, जिसके पेटे जेडीए को 15 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त होगा। जेडीए आयुक्त शिखर अग्रवाल ने बताया कि नगरीय विकास विभाग के 6 जून, 2015 के आदेशो के अनुसार ईडब्ल्यूस/एलआईजी भवनों का निर्माण छह माह की अवधि नहीं करने की वजह से विकासकर्ताओं पर यह पेनल्टी लगाई गई है। साथ ही 5 सित बर, 2015 तक कार्य प्रारम्भ नहीं करने एवं 5 जून, 2017 तक निर्माण कार्य पूरा कर जेडीए को कब्जा संभलाना होगा। तब तक मूल परियोजना में उतने ही क्षेत्र के लैट्स को रहन रखने का निर्णय बैठक में लिया गया है। सभी विकासकर्ता को यह यह पेनल्टी एक माह में आवश्यक रूप से जमा करवानी होगी अन्यथा मानचित्र निरस्त कर दिए जाएंगे।
जेडीए आयुक्त ने बताया कि जयपुर एयरपोर्ट के पास निर्माणाधीन 3 परियोजनाओं में 15 मीटर की ऊंचाई तक दी गई निर्माण की अनुमति के उल्लंघन को जेडीए ने गंभीरता से लिया है। इस संदर्भ में निर्णय लिया गया कि विकासकर्ताओं को राज्य सरकार की अधिसूचना (8 मई, 2015) की अनुपालना में अविल ब 15 मीटर ऊंचाई के संशेधित मानचित्र 15 दिवस में प्रस्तुत करने होंगे तथा दो परियोजनाओं में 15 मीटर से अधिक हुए निर्माण को विकासकर्ताओं द्वारा अपने स्वयं के खर्चे पर तीन माह में हटाते हुए संशोधित भवन मानचित्र प्रस्तुत करने होंगे। तब तक मुख्य नियंत्रक (प्रवर्तन) को इन भवनों का निर्माण कार्य को रूकवाते हुए सील करने के निर्देश दिए गए।
छह माह में ईडब्ल्यूएस/एलआईजी भवनों का निर्माण नहीं करवाने वाले जिन 10 विकासकर्ताओं पर पेनल्टी लगाई जाएगी, उनमें विजय खेमका, डीकेजी टाउनशिप एण्ड डवलपर्स, राधेकृपा बिल्डर्स, मधु चौरडिया व विनय चौरडिया, ठाकुर इन्द्र विजय सिंह, विनोद गोयल निदेशक मंगलम बिल्ड डवलपर्स लिमिटेड, आशीष अग्रवाल, निदेशक फॉर श्रीराम कृपा बिल्डहोम प्रा. लि., धीरेन्द्र मदान निदेशक महिमा रियल एस्टेट प्रा. लि., अंकित गुप्ता निदेशक मैसर्स वर्गो बिल्ड एस्टेट प्रा. लि., कांतिचन्द शर्मा, संगम इन्फोटेक शामिल हैं।
बैठक में 25 आवासीय, 10 व्यावसायिक, 3 रिसोर्ट, एक हो योपेथी कॉलेज तथा ईडब्ल्यूएस/एलआईजी लैट्स की चार परियोजनाओं का अनुमोदन भी किया गया, जिसके पेटे जेडीए को 15 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त होगा। जेडीए आयुक्त शिखर अग्रवाल ने बताया कि नगरीय विकास विभाग के 6 जून, 2015 के आदेशो के अनुसार ईडब्ल्यूस/एलआईजी भवनों का निर्माण छह माह की अवधि नहीं करने की वजह से विकासकर्ताओं पर यह पेनल्टी लगाई गई है। साथ ही 5 सित बर, 2015 तक कार्य प्रारम्भ नहीं करने एवं 5 जून, 2017 तक निर्माण कार्य पूरा कर जेडीए को कब्जा संभलाना होगा। तब तक मूल परियोजना में उतने ही क्षेत्र के लैट्स को रहन रखने का निर्णय बैठक में लिया गया है। सभी विकासकर्ता को यह यह पेनल्टी एक माह में आवश्यक रूप से जमा करवानी होगी अन्यथा मानचित्र निरस्त कर दिए जाएंगे।
जेडीए आयुक्त ने बताया कि जयपुर एयरपोर्ट के पास निर्माणाधीन 3 परियोजनाओं में 15 मीटर की ऊंचाई तक दी गई निर्माण की अनुमति के उल्लंघन को जेडीए ने गंभीरता से लिया है। इस संदर्भ में निर्णय लिया गया कि विकासकर्ताओं को राज्य सरकार की अधिसूचना (8 मई, 2015) की अनुपालना में अविल ब 15 मीटर ऊंचाई के संशेधित मानचित्र 15 दिवस में प्रस्तुत करने होंगे तथा दो परियोजनाओं में 15 मीटर से अधिक हुए निर्माण को विकासकर्ताओं द्वारा अपने स्वयं के खर्चे पर तीन माह में हटाते हुए संशोधित भवन मानचित्र प्रस्तुत करने होंगे। तब तक मुख्य नियंत्रक (प्रवर्तन) को इन भवनों का निर्माण कार्य को रूकवाते हुए सील करने के निर्देश दिए गए।
छह माह में ईडब्ल्यूएस/एलआईजी भवनों का निर्माण नहीं करवाने वाले जिन 10 विकासकर्ताओं पर पेनल्टी लगाई जाएगी, उनमें विजय खेमका, डीकेजी टाउनशिप एण्ड डवलपर्स, राधेकृपा बिल्डर्स, मधु चौरडिया व विनय चौरडिया, ठाकुर इन्द्र विजय सिंह, विनोद गोयल निदेशक मंगलम बिल्ड डवलपर्स लिमिटेड, आशीष अग्रवाल, निदेशक फॉर श्रीराम कृपा बिल्डहोम प्रा. लि., धीरेन्द्र मदान निदेशक महिमा रियल एस्टेट प्रा. लि., अंकित गुप्ता निदेशक मैसर्स वर्गो बिल्ड एस्टेट प्रा. लि., कांतिचन्द शर्मा, संगम इन्फोटेक शामिल हैं।
