आवासन मंडल में भी अफसरों को टारगेट की तैयारी

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जयपुर। राजस्थान आवासन मंडल पिछले दाई दशक से आवंटियों, संस्थाओं पर बकाया राशि और करोड़ों रुपया का बड़ा जुर्माना वसूलने के लिए कोई प्लानिंग नहीं कर पाया है। पिछले दिनों आयुक्त ओ पी सैनी ने इस बड़ी राशि की वसूली के लिए सर्किल अफसरों से जवाब मांगा जाने पर अफसर ये तक नहीं समझा पाए कि इतने लंबे समय बाद भी यह राशि मंडल के राजस्व में क्यों नहीं आ पाई है। अब आयुक्त ने इस संबंध में अफसरों को वसूली के लिए टारगेट के अनुसार काम करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, पिछलों दिनों जब आवासन मंडल ने 26 हजार आवंटियों पर अपना बड़ा बकाया सामने आया तो अफसरों की कार्यशैली की कलई खुलकर सामने आ गई। प्रतापनगर, सांगानेर, मानसरोवर सर्किल में हजारों आवंटियों ने पजेशन लेने के बाद भी बकाया जमा कराने में रूचि नहीं दिखाई है।

इन मकानों का पजेशन देने के बाद भी बकाया राशि जमा नहीं कराने पर पंजीकरण निरस्त नहीं किया जाएगा। वहीं करीब ढ़ाई दशक में इनमें से अधिकांश आवासों का मालिकाना हक कागजों में बदलता चला गया। जानकारी के अनुसार मंडल आयुक्त ओ पी सैनी ने मंडल की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए बकाया का रिकार्ड जांचा तो अफसरों की लापरवाही सामने आ गई।

अब मंडल भी निगम-जेडीए की तरह अपनी बकाया राशि वसूली के लिए अफसरों को टारगेट की तैयारी कर रहा है। सर्किल में बैठे मातहतों पर वर्षों से मंडल के बकायादारों से वसूली का जिम्मा रहेगा और ऐसा नहीं होने पर आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

इस संबंध में मंडल के चीफ इंजीनियर जी एस वाघेला ने कहा कि जिन आवंटियों पर बकाया है, उस संबंध में आयुक्त के दिशा- निर्देश अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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