जर्मनी में आज नेताजी के पौत्र से मुलाकात करेंगे नरेंद्र मोदी
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/04/narendra-modi-to-meet-grandson-of-bose.html
बर्लिन। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार की जासूसी की खबर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मनी में नेताजी के पड़पोते से मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान वह मांग करेंगे कि नेताजी से जुड़ी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक किया जाए।
सूर्य कुमार ने कहा कि नेताजी केवल उनके परिवार के सदस्य मात्र नहीं है। उन्होंने स्वयं पूरे देश को अपना परिवार बताया था। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह सिर्फ उनके परिवार का कर्तव्य है कि वह इस मुद्दे को उठाए।
वहीं नेताजी के भतीजे अद्र्धेन्दु बोस ने कहा, मेरा मानना है कि यह काफी कड़वी बात है कि परिवार के सदस्यों पर नजर रखी जा रही थी, जबकि उनके एक अन्य पौत्र चंद्र बोस ने कहा कि अन्य देशों से रिश्ते खराब होने का हवाला देकर फाइलों को जारी नहीं करना एक कमजोर बहाना है।
उल्लेखनीय है कि हैमबर्ग में भारत-जर्मन संघ के अध्यक्ष सूर्य को सोमवार को भारतीय दूतावास में आयोजित मोदी के स्वागत कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। इससे पहले सोमवार को उन्होंने हैनोवर फेयर का उद्घाटन किया. इस दौरान जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल भी उनके साथ थीं। यहां प्रधानमंत्री ने कहा कि वह जर्मनी के शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने भारत को पार्टनर चुना।
उन्होंने एक बार फिर उद्योगपतियों को आकर्षित करते हुए कहा कि भारत में 'मैन्युफैक्चरिंग हब' बनने की क्षमता है। उन्होंने कहा, 'मैं जर्मनी को भारत से साझेदारी बढ़ाने और नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए आमंत्रित करता हूं।'
सूर्य कुमार ने कहा कि नेताजी केवल उनके परिवार के सदस्य मात्र नहीं है। उन्होंने स्वयं पूरे देश को अपना परिवार बताया था। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह सिर्फ उनके परिवार का कर्तव्य है कि वह इस मुद्दे को उठाए।
वहीं नेताजी के भतीजे अद्र्धेन्दु बोस ने कहा, मेरा मानना है कि यह काफी कड़वी बात है कि परिवार के सदस्यों पर नजर रखी जा रही थी, जबकि उनके एक अन्य पौत्र चंद्र बोस ने कहा कि अन्य देशों से रिश्ते खराब होने का हवाला देकर फाइलों को जारी नहीं करना एक कमजोर बहाना है।
उल्लेखनीय है कि हैमबर्ग में भारत-जर्मन संघ के अध्यक्ष सूर्य को सोमवार को भारतीय दूतावास में आयोजित मोदी के स्वागत कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। इससे पहले सोमवार को उन्होंने हैनोवर फेयर का उद्घाटन किया. इस दौरान जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल भी उनके साथ थीं। यहां प्रधानमंत्री ने कहा कि वह जर्मनी के शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने भारत को पार्टनर चुना।
उन्होंने एक बार फिर उद्योगपतियों को आकर्षित करते हुए कहा कि भारत में 'मैन्युफैक्चरिंग हब' बनने की क्षमता है। उन्होंने कहा, 'मैं जर्मनी को भारत से साझेदारी बढ़ाने और नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए आमंत्रित करता हूं।'
