जमीन धोखाधड़ी को लेकर आईएएस सहित पांच के खिलाफ मामला दर्ज
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/03/case-file-against-an-ias-officer.html
जयपुर। जमीन धोखाधड़ी के एक मामले में राजस्थान सरकार में तैनात एक आईएएस अधिकारी के लिप्त होने का सनसनीखेज़ मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात तो ये है कि पीड़ित की ओर से आईएएस अधिकारी और उनके सहयोगियों के खिलाफ पुलिस थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई कार्यवाई नहीं हुई है, जिसे लेकर पीड़ित का कहना है कि मामला आईएएस अधिकारी से जुड़ा होने की वजह से पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।
धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित ने जवाहर सर्किल थाने में आरोपी आईएएस अधिकारी के खिलाफ जमीन में पार्टनरशिप के नाम पर धोखाधड़ी करने को मामला दर्ज कराया है।
धोखाधड़ी का शिकार बने प्रॉपर्टी व्यवसायी झोटवाड़ा निवासी नरेन्द्र सिंह निर्वाण के मुताबिक आरोपियों में आईएएस अफसर के शामिल होने की ही वजह से पुलिस ने पहले रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद इस्तगासे के जरिये मामला दर्ज करवाया गया।
पीड़ित के मुताबिक, आईएएस अफसर रविशंकर श्रीवास्तव ने उसे विश्वास में लेकर इस सौदे में करोड़ों रूपए कमाने के सब्ज-बाग दिखाए, जिस पर उसने अपने परिचितों से सांगानेर के धोलाई रामसिंहपुरा ग्राम में बीस बीघा जमीन का सौदा तय किया था।
पीड़ित का कहना है कि सौदे के दौरान उसने अब-तक करीब एक करोड़ रूपए दे दिए हैं। इतनी बड़ी राशि अदा करने के बाद जब पीड़ित ने मौके पर जाकर संपत्ति देखनी चाही तो आरोपी के द्वारा बार-बार आनाकानी करने पर उसे उसके साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ। बाद में उसे पता चला कि जिस प्रोपर्टी के लिए उसने सौदा तय किया था, वहां पहले ही प्लाट कटे हुए थे। मामले को लेकर जवाहर सर्किल थाने में आईएएस अफसर रविशंकर श्रीवास्तव के अलावा देवी शंकर, अब्दुल माजिद, विजय डूंगर और धर्मवीर नाम के आरोपियों के खिलाफ नामज़द मामला दर्ज हुआ है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आईएएस अधिकारी के मामले में लिप्त होने के चलते पुलिस की तरफ से अब तक कोई कार्यवाई नहीं की गई है। जबकि पीड़ित पक्ष ने आईएएस अफसर और अन्य आरोपियों के खिलाफ तमाम तरह के सबूत होने का भी दावा किया है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस के मुताबिक, इस मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा चुकी है एवं अभी कार्रवाई जारी है। मामला दर्ज होने के काफी दिनों बाद तक पीड़ित के द्वारा बयान दर्ज नहीं करवाए जाने की वजह से देरी हुई। अभी आरोपियों से और पूछताछ की जाएगी।
धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित ने जवाहर सर्किल थाने में आरोपी आईएएस अधिकारी के खिलाफ जमीन में पार्टनरशिप के नाम पर धोखाधड़ी करने को मामला दर्ज कराया है।
धोखाधड़ी का शिकार बने प्रॉपर्टी व्यवसायी झोटवाड़ा निवासी नरेन्द्र सिंह निर्वाण के मुताबिक आरोपियों में आईएएस अफसर के शामिल होने की ही वजह से पुलिस ने पहले रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद इस्तगासे के जरिये मामला दर्ज करवाया गया।
पीड़ित के मुताबिक, आईएएस अफसर रविशंकर श्रीवास्तव ने उसे विश्वास में लेकर इस सौदे में करोड़ों रूपए कमाने के सब्ज-बाग दिखाए, जिस पर उसने अपने परिचितों से सांगानेर के धोलाई रामसिंहपुरा ग्राम में बीस बीघा जमीन का सौदा तय किया था।
पीड़ित का कहना है कि सौदे के दौरान उसने अब-तक करीब एक करोड़ रूपए दे दिए हैं। इतनी बड़ी राशि अदा करने के बाद जब पीड़ित ने मौके पर जाकर संपत्ति देखनी चाही तो आरोपी के द्वारा बार-बार आनाकानी करने पर उसे उसके साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ। बाद में उसे पता चला कि जिस प्रोपर्टी के लिए उसने सौदा तय किया था, वहां पहले ही प्लाट कटे हुए थे। मामले को लेकर जवाहर सर्किल थाने में आईएएस अफसर रविशंकर श्रीवास्तव के अलावा देवी शंकर, अब्दुल माजिद, विजय डूंगर और धर्मवीर नाम के आरोपियों के खिलाफ नामज़द मामला दर्ज हुआ है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आईएएस अधिकारी के मामले में लिप्त होने के चलते पुलिस की तरफ से अब तक कोई कार्यवाई नहीं की गई है। जबकि पीड़ित पक्ष ने आईएएस अफसर और अन्य आरोपियों के खिलाफ तमाम तरह के सबूत होने का भी दावा किया है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस के मुताबिक, इस मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा चुकी है एवं अभी कार्रवाई जारी है। मामला दर्ज होने के काफी दिनों बाद तक पीड़ित के द्वारा बयान दर्ज नहीं करवाए जाने की वजह से देरी हुई। अभी आरोपियों से और पूछताछ की जाएगी।