दिल्ली में अब जनता की राय से बनेगी सरकार : केजरीवाल
नई दिल्ली। दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर आम आदमी पार्टी के द्वारा भाजपा-कांग्रेस के सामने रखी गई सभी 18 मांगों पर कांग्रेस के द्वारा मा...
https://khabarrn1.blogspot.com/2013/12/kejriwal-said-public-opinion-will-form-the-government-in-delhi.html
नई दिल्ली। दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर आम आदमी पार्टी के द्वारा भाजपा-कांग्रेस के सामने रखी गई सभी 18 मांगों पर कांग्रेस के द्वारा मान लिए जाने के बावजूद आम आदमी पार्टी दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर अपना रुखा स्पष्ट नहीं कर सकी है, आप ने अब ये फैसला जनता पर छोड़ दिया है।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने साफ कर दिया कि पार्टी कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाए अथवा न बनाए इस सवाल को लेकर जनता की राय मांगी जाएगी और सोमवार को जनता की राय के आधार पर ही कोई फैसला लेगी।
उन्होंने कहा कि हम रविवार तक जनता की राय जानेंगे और जनता की राय के बाद सरकार बनाने के बारे में फैसला करेंगे। उन्होंने साफ कर दिया कि सोमवार को वह इस बात पर फैसला करेंगे कि सरकार गठन करना है या नहीं।
बकौल केजरीवाल, हमे ऐसा लगा कि यह तो हमारे लिए बेहतर अवसर है। इसलिए हमने दोनों पार्टियों को 18 शर्तों के साथ चिट्ठी भेजी। आश्चर्य की बात है कि बीजेपी ने चिट्ठी का जबाव देना भी उचित नही समझा। हालांकि सोनिया गांधी ने शकील अहमद के जरिए आम आदमी पार्टी द्वारा रखे गए 18 शर्तों पर समर्थन देने का वादा किया। लेकिन बार-बार मीडिया में कहा जा रहा है कि आम आदमी जिम्मेदारी से भाग रही है वह सरकार नहीं बना सकती है।
केजरीवाल ने बताया कि जनता की राय जानने के लिए उन्होंने करीब 25, 000,00 चिट्ठियां लिखी है, जो दिल्ली प्रत्येक वार्ड में रहने वाली जनता के पास भेजी जाएगी और जनता की राय ले जाएगी फिर कोई फैसला लिया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार बनाए या नहीं, इसके लिए दिल्ली के लोग फोन, एसमएमस, फेसबुक, वेबसाइट के जरिए सरकार बनाने को लेकर हां या नहीं में अपनी राय दे सकते हैं। इसके लिए चिट्ठी में एक नंबर 08806110335 भी दिया गया है।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने साफ कर दिया कि पार्टी कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाए अथवा न बनाए इस सवाल को लेकर जनता की राय मांगी जाएगी और सोमवार को जनता की राय के आधार पर ही कोई फैसला लेगी।
उन्होंने कहा कि हम रविवार तक जनता की राय जानेंगे और जनता की राय के बाद सरकार बनाने के बारे में फैसला करेंगे। उन्होंने साफ कर दिया कि सोमवार को वह इस बात पर फैसला करेंगे कि सरकार गठन करना है या नहीं।
बकौल केजरीवाल, हमे ऐसा लगा कि यह तो हमारे लिए बेहतर अवसर है। इसलिए हमने दोनों पार्टियों को 18 शर्तों के साथ चिट्ठी भेजी। आश्चर्य की बात है कि बीजेपी ने चिट्ठी का जबाव देना भी उचित नही समझा। हालांकि सोनिया गांधी ने शकील अहमद के जरिए आम आदमी पार्टी द्वारा रखे गए 18 शर्तों पर समर्थन देने का वादा किया। लेकिन बार-बार मीडिया में कहा जा रहा है कि आम आदमी जिम्मेदारी से भाग रही है वह सरकार नहीं बना सकती है।
केजरीवाल ने बताया कि जनता की राय जानने के लिए उन्होंने करीब 25, 000,00 चिट्ठियां लिखी है, जो दिल्ली प्रत्येक वार्ड में रहने वाली जनता के पास भेजी जाएगी और जनता की राय ले जाएगी फिर कोई फैसला लिया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार बनाए या नहीं, इसके लिए दिल्ली के लोग फोन, एसमएमस, फेसबुक, वेबसाइट के जरिए सरकार बनाने को लेकर हां या नहीं में अपनी राय दे सकते हैं। इसके लिए चिट्ठी में एक नंबर 08806110335 भी दिया गया है।
