'मुलायम' हुए मुलायम, अखिलेश की हुई 'साइकिल'!
https://khabarrn1.blogspot.com/2017/01/mulayam-singh-gets-soft-and-akhilesh-will-be-own-the-cycle.html
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सियासत में चुनावी उबाल आने से पूर्व ही 'साइकिल' पर मालिकाना हक को लेकर पिता-पुत्र के बीच चली खींचतान से सियासी पारा लगातार ऊपर की ओर चढ़ता चला जा रहा है। लेकिन अब समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल को लेकर पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे एवं सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच चल रही खींचतान पर विराम लगता दिखाई दे रहा है।
पार्टी सिम्बल को लेकर चुनाव आयोग पहुंचे मुलायम-अखिलेश के बीच खींचतान पर अब विराम लगता नजर आने लगा है। सूत्रों के मुताबिक खबर है कि मुलायम चुनाव आयोग के सामने नरम पड़ गए हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि मुलायम सिंह पार्टी में मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं, वहीं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका अखिलेश यादव निभाएंगे।
चुनाव आयोग में पेश हुए मुलायम सिंह ने आज आयोग के सामने पार्टी में खुद को मागदर्शक की भूमिका में स्वीकार कर लिया है। साथ ही मुलायम ने इसे अंदरूनी मामला भी बताया है, जिसे आपसी बातचीत से सुलझा लिया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पूर्व अखिलेश यादव और मुलायम सिंह पार्टी के चुनाव चिन्ह 'साइकिल' को लेकर चुनाव आयोग पहुंचे थे, लेकिन इस मामले में आज मुलायम सिंह नरम पड़ जाने से मामला अब सुलझता हुआ दिखाई देने लगा है।
पार्टी सिम्बल को लेकर चुनाव आयोग पहुंचे मुलायम-अखिलेश के बीच खींचतान पर अब विराम लगता नजर आने लगा है। सूत्रों के मुताबिक खबर है कि मुलायम चुनाव आयोग के सामने नरम पड़ गए हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि मुलायम सिंह पार्टी में मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं, वहीं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका अखिलेश यादव निभाएंगे।
चुनाव आयोग में पेश हुए मुलायम सिंह ने आज आयोग के सामने पार्टी में खुद को मागदर्शक की भूमिका में स्वीकार कर लिया है। साथ ही मुलायम ने इसे अंदरूनी मामला भी बताया है, जिसे आपसी बातचीत से सुलझा लिया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पूर्व अखिलेश यादव और मुलायम सिंह पार्टी के चुनाव चिन्ह 'साइकिल' को लेकर चुनाव आयोग पहुंचे थे, लेकिन इस मामले में आज मुलायम सिंह नरम पड़ जाने से मामला अब सुलझता हुआ दिखाई देने लगा है।
