ब्लड बैंक के नाम पर सामने आई कालाबाजारी

ब्लड बेचते पांच जनों को धरा जयपुर। प्रदेश में एक तरफ मौसमी बीमारियों का आंतक है। डेंगू, मलेरिया, पीलिया, टाइफाइड,स्क्रब टाइफस जैसी गं...

ब्लड बेचते पांच जनों को धरा

जयपुर। प्रदेश में एक तरफ मौसमी बीमारियों का आंतक है। डेंगू, मलेरिया, पीलिया, टाइफाइड,स्क्रब टाइफस जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से पांव पंसार रही है। डेंगू बीमारी में शरीर के गिरने वाले प्लेटनियम के कारण पीड़ित को रक्त की आवश्यकता होती है,  जिसे देखते हुए अब दलाल सक्रिय हो गए है। 

राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में शुक्रवार को एक ऐसे ही गिरोह का खुलासा हुआ, जो डेंगू और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों की बीमारी का फायदा उठाकर उनको खून बेचने काम कर रहा था। अस्पताल प्रशासन ने इस गौरखधंधा को पकड़ा तो, उनके भी होश उड़ गए। यह लोग रक्त देने के नाम पर मनमाने दाम वसूलते थे। इसकी भनक लगने के बाद इनको मोती डूंगरी थाना प्रशासन के हवाले कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल में यह धंधा लंबे समय से चल रहा था लेकिन इसका खुलासा अब जाकर हुआ है। पकड़े गए आरोंपी यहां पर जरूरतमंद लोगों की फिराक में रहते थे और कोई व्यक्ति फंसते ही उसको अपने शिंकजे में ले लिया करते थे। यह सभी ब्लड बैंक की लॉबी में जरुरतमंदों को प्रति यूनिट के हिसाब से खून बेचकर मनमाने दाम वसूलते थे। पुलिस को उम्मीद है कि इन आरोपियों से बड़े गिरोह का खुलासा भी हो सकता है।

घटना यह हुई कि शुक्रवार को करीब तीन बजे अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड के लिए कतार में लगे लोगों को खून खरीदने के लिए आरोपी चीकू और उसके चार अन्य साथी सौदे के लिए राजी कर रहे थे। अस्पताल प्रशासन ने जानकारी के आधारा पर दबिश देकर ब्लड बेचने के लिए सोदबाजी करते रंगे हाथों पकड़ा और पुलिस चौकी को सूचित किया। बाद में पांचों को मोती डूंगरी थाने ले जाया गया।

अस्पताल प्रशासन ने पांचों को आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ एफआरआई दर्ज करवाई है। शुक्रवार को यह आरोपी जिस व्यक्ति को खून बेचने के जुगाड़ में लगे हुए थे, उसी व्यक्ति ने इन लोगों की गैंग का पर्दाफाश करा दिया। इस व्यक्ति ने इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को दी, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है।

आरोपियों को रंग हाथ पकड़ने के लिए दोनों के बीच मोबाइल कराई गई और उस आधार पर आरोपियों पर दबिश दी गई, तो पांचों को सोदेबाजी के लिए बातचीत करते पकड़ लिया गया। एसएमएस अस्पताल के उप अधीक्षक ने बताया कि चीकू बांगड़ के बाहर चाय की दुकान चलाता है और उसके साथी खरीदने और बेचने वालों के बीच पुट का काम करते हैं। जानकारी के अनुसार दोनों की बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया गया था।

अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ अजित सिंह ने बताया कि  यह मामला काफी गंभीर है और इन लोगों पर रोक लगे इसके लिए पकड़े गए आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अब अस्पताल प्रशासन ऐसे मामलों को रोकने के लिए टीम बनाने की तैयारी कर रहा है जो ऐसे लोगों पर नजर रखेगी जो खून बेचने के फिराक में लगे रहते है।

इस लेख पर अपने विचार व्यक्त करें...

Related Posts

Special 1092496779131728850

Watch in Video

Comments

item