रेलवे अधिकारियों का मेडिटेशन वर्कशाप सम्पन्न

अजमेर। संयुक्त राष्ट्र संघ के भारत एवं भूटान के सूचना केन्द्र (यूएनआईसी) एवं रामचन्द्र मिशन (एसआरसीएम) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय निबंध प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह एवं रेलवे अधिकारियों का मेडिटेशन वर्कशाॅप बुधवार को रेलवे आॅफीसर क्लब में मण्डल रेल प्रबंधक नरेश सालेचा के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।

निबंध प्रतियोगिता में राजस्थान अंचल स्तर पर प्रथम स्थान पर रही एचकेएच सीनियर सैकण्डरी विद्यालय की हर्षा डी पंजाबी के साथ-साथ विद्यालय स्तर पर वरियता प्राप्त विद्यार्थी एवं प्राचार्यों को भी प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। रेलवे अधिकारियों के लिए आयोजित ध्यान सत्र में सालेचा ने भी हार्टफुलनेस पद्धति से ध्यान का अनुभव किया। जाजू स्कूल आॅफ नर्सिंग के विद्यार्थियों द्वारा ध्यान के 14 सप्ताह के सत्र को सफलतापूर्वक पूर्ण  करने पर उन्हें भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सत्यमं संस्थान के गिरीश गुप्ता ने विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान तनाव से मुक्त रहने पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम बहुत विस्तृत है। पढ़ाई से मन को भटकाने के साधन टीवी, मोबाईल, मित्र एवं अन्य साधन बहुत ज्यादा है। ऐसे में विद्यार्थी को परीक्षा के समय तनाव हो जाता है। अध्ययन में सफलता प्राप्त करने के लिए एकाग्रता आवश्यक है और एकाग्रता रूचि से पैदा होती है। एकाग्रता में वृद्धि के लिए ध्यान आवश्यक है। ध्यान किसी एक लक्ष्य पर बार-बार मनन करना है। इससे मस्तिष्क हृदय के अधीन होने लगता है। पुनर्रावृत्ति एवं संक्षिप्तिकरण अध्ययन की गति बढ़ा देते है।

रामचन्द्र मिशन के अजमेर केन्द्र समन्वयक अंकुर तिलक गहलोत ने रेलवे अधिकारियों के लिए आयोजित ध्यान सत्र के दौरान कहा कि भैतिक एवं आध्यात्मिक जीवन के समन्वय में ही जीवन की सार्थकता है। इसके लिए ध्यान एक तंत्र तैयार कर देता है। विज्ञान और आध्यात्मिकता एक दूसरे के पूरक है। भारत ध्यान के कारण ही विश्व गुरू है। हार्टफुलनेस पद्धति से प्रेम, शान्ति एवं खुशी से परिपूर्ण हृदय का अनुभव प्राप्त किया जा सकता है।

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