कान्हा के स्वागत को तैयार छोटी काशी
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/09/preparations-for-welcome-of-shri-krishan.html
जयपुर। भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर आज देशभर में उत्साह और उमंग पूरे चरम पर दिखाई दे रहा है, देशभर के मंदिरों में आकर्षक सजावट की गई है और श्रीकृष्ण की जीवन लीलाओं को दर्शाती कई जीवंत झाकियां सजाई गई है। इसी बीच छोटी काशी के नाम से विख्यात राजस्थान की राजधानी जयपुर में कान्हा के स्वागत के लिए भव्य सजावट और भक्ति के रस में सराबोर श्रद्धालुओं की भीड़ भक्ति गीतों पर नाचती-झूमती दिखाई दे रही है।
देशभर के मंदिरों के साथ ही जयपुर में कृष्ण मंदिरों समेत कई मंदिरों में भक्तों का मेला लगा हुआ है। जयपुर के आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में श्रद्धालुओं के सैलाब को देखते हुए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गई हैं। पुलिस उपायुक्त यातायात हैदर अली जैदी ने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाये रखने के लिए यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है। यह यातायात व्यवस्था शाम 5 बजे से रात्रि अग्रिम आदेश तक लागू रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए गोविंददेवजी मंदिर में पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता लगाया गया है। मंदिर प्रबंधन के सुरक्षा गार्ड भी मोर्चे पर तैनात दिखाई दे रहे हैं । विश्व हिन्दू परिषद और अन्य संगठनों के स्वयंसेवक विभिन्न सेवाएं दे रहे हैं। अवांछित लोगों पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर में प्रवेश और निकास की अलग-अलग व्यवस्था की गई है।
शहरभर के मंदिरों में गुब्बारें, रंग-बिरंगी कागज, कान्हा लीलाओं को जीवंत करती झांकियां बनाई गई है। वहीं कान्हा की मूर्ति को सजाकर नया रूप दिया गया है। जन्माष्टमी पर आज मध्यरात्रि ने कान्हा का जन्म होने पर मंदिरों में उनका पंचामृत स्नान कराने के साथ ही पिंजरी का प्रसाद वितरण किया जाएगा।
देशभर के मंदिरों के साथ ही जयपुर में कृष्ण मंदिरों समेत कई मंदिरों में भक्तों का मेला लगा हुआ है। जयपुर के आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में श्रद्धालुओं के सैलाब को देखते हुए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गई हैं। पुलिस उपायुक्त यातायात हैदर अली जैदी ने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाये रखने के लिए यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है। यह यातायात व्यवस्था शाम 5 बजे से रात्रि अग्रिम आदेश तक लागू रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए गोविंददेवजी मंदिर में पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता लगाया गया है। मंदिर प्रबंधन के सुरक्षा गार्ड भी मोर्चे पर तैनात दिखाई दे रहे हैं । विश्व हिन्दू परिषद और अन्य संगठनों के स्वयंसेवक विभिन्न सेवाएं दे रहे हैं। अवांछित लोगों पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर में प्रवेश और निकास की अलग-अलग व्यवस्था की गई है।
शहरभर के मंदिरों में गुब्बारें, रंग-बिरंगी कागज, कान्हा लीलाओं को जीवंत करती झांकियां बनाई गई है। वहीं कान्हा की मूर्ति को सजाकर नया रूप दिया गया है। जन्माष्टमी पर आज मध्यरात्रि ने कान्हा का जन्म होने पर मंदिरों में उनका पंचामृत स्नान कराने के साथ ही पिंजरी का प्रसाद वितरण किया जाएगा।
