10वें विश्व हिंदी सम्मेलन का नरेंद्र मोदी ने किया शुभारंभ
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/09/narendra-modi-inaugurated-10th-world-hindi-conference-at-bhopal.html
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मध्यप्रदेश में भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित किए जा रहे विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री सुबह 9.45 बजे भोपाल एयरपोर्ट पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने एयरपोर्ट पर ही आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम को संबोधित किया। यहां से प्रधानमंत्री 10.30 बजे लाल परेड ग्राउंड पहुंचे और सम्मेलन का शुभारंभ किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि, 'करीब 40 देशों से लोग यहां भाग लेने आए हैं यह एक तरह का महाकुंभ है। उज्जैन सिंहस्थ से पहले इस महाकुंभ देखने का मौका मिला।' पीएम ने सुषमा स्वराज का समर्थन करते हुए कहा कि, जब भाषा होती है तो उसकी ताकत का हमें अंदाजा नहीं होता लेकिन जब वो लुप्त होती है और सदियों बाद किसी के हाथ आती है तो उसे जानने में लग जाते हैं। आज पत्थरों पर कुछ लिखा होता है पुरातत्व विभाग उसे जानने में लग जाते हैं। भाषा लुप्त होने के बाद उसका महत्व पता चलता है।'
इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्वागत भाषण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं केवल शब्दों नहीं भाव से स्वागत करता हूं। मध्य प्रदेश कवियों, साहित्यकारों की भूमि है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि हमने उनके नाम पर हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना की है जहां विज्ञान और वाणिज्य जैसे विषय हिंदी में पढ़ाए जाते हैं।
उनके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैं प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्ति करती हूं कि उन्होंने यह सम्मेलन भोपाल में अयोजित करने की अनुमति दी। भारत में यह तीसरा हिंदी सम्मेलन है और हमने पिछले 9 सम्मेलनों के मुकाबले कुछ परिवर्तन किए हैं। पहले के सम्मेलनों में होने वाले सत्रों में केवल चर्चा होती थी लेकिन अब भाषा पर चर्चा के बाद रिपोर्ट भी दी जाएगी और सम्मेलन में चार सत्रों की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री करेंगे।'
इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी, गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, मॉरीशस की शिक्षा मंत्री लीला देवी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि, 'करीब 40 देशों से लोग यहां भाग लेने आए हैं यह एक तरह का महाकुंभ है। उज्जैन सिंहस्थ से पहले इस महाकुंभ देखने का मौका मिला।' पीएम ने सुषमा स्वराज का समर्थन करते हुए कहा कि, जब भाषा होती है तो उसकी ताकत का हमें अंदाजा नहीं होता लेकिन जब वो लुप्त होती है और सदियों बाद किसी के हाथ आती है तो उसे जानने में लग जाते हैं। आज पत्थरों पर कुछ लिखा होता है पुरातत्व विभाग उसे जानने में लग जाते हैं। भाषा लुप्त होने के बाद उसका महत्व पता चलता है।'
इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्वागत भाषण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं केवल शब्दों नहीं भाव से स्वागत करता हूं। मध्य प्रदेश कवियों, साहित्यकारों की भूमि है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि हमने उनके नाम पर हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना की है जहां विज्ञान और वाणिज्य जैसे विषय हिंदी में पढ़ाए जाते हैं।
उनके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैं प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्ति करती हूं कि उन्होंने यह सम्मेलन भोपाल में अयोजित करने की अनुमति दी। भारत में यह तीसरा हिंदी सम्मेलन है और हमने पिछले 9 सम्मेलनों के मुकाबले कुछ परिवर्तन किए हैं। पहले के सम्मेलनों में होने वाले सत्रों में केवल चर्चा होती थी लेकिन अब भाषा पर चर्चा के बाद रिपोर्ट भी दी जाएगी और सम्मेलन में चार सत्रों की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री करेंगे।'
इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी, गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, मॉरीशस की शिक्षा मंत्री लीला देवी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए।