तिजारा में जुटी 51 गांवों की महापंचायत
तिजारा। भिवाड़ी स्थित श्रीराम पिस्टन एण्ड रिंग्स लिमिटेड में चल रही हड़ताल के मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब तिजारा स्थित हनुमान बगीची मे...
https://khabarrn1.blogspot.com/2014/07/mahapanchayat-of-51-village-engaged-in-tijara-about-shri-ram-piston-and-rings-ltd.html
तिजारा। भिवाड़ी स्थित श्रीराम पिस्टन एण्ड रिंग्स लिमिटेड में चल रही हड़ताल के मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब तिजारा स्थित हनुमान बगीची में आयोजित की गई 51 गांवो की महापंचायत में तिजारा विधायक मामन सिंह यादव सहित सैंकडों ग्रामीणों की मौजूदगी में कर्मचारी नेता महेश प्रधान ने फैक्ट्री में यूनियन नहीं बनाने पर अपनी सहमति जताते हुए जेल में बंद कर्मचारियों की रिहाई की मांग की।
महेश प्रधान ने कहा कि अब श्रीराम पिस्टन कंपनी के श्रमिक कोई यूनियन नहीं बनाएंगे, बशर्ते कि कंपनी जेल में बन्द श्रमिकों को जल्द से जल्द रिहा करवाये तथा उनके अन्य साथियों पर लगे मुकदमें वापस हों और शीघ्र ही उन्हें वापस से नौकरी पर लिया जाये।
महांपचायत में विधायक मामन सिंह ने घोषणा की कि मंगलवार को श्रमिक नेताओं, श्रीराम पिस्टन कंपनी मैनेजमेंट तथा जिला कलेक्टर के बीच मामले में समझौते के लिए वार्ता होगी। यादव ने कहा कि, ‘मैंने पहले भी महेश प्रधान व उनके साथी श्रमिकों से कहा था कि वे राजनीतिक पार्टियों के बहकावे में आकर यूनियन बनाने जैसा कदम नहीं उठाएं क्योंकि राज्य में जब भी श्रमिकों की यूनियनें बनीं और श्रमिकों की समस्या पैदा हुई तो उद्योग-कारखाने बंद हो गये और श्रमिकों के समक्ष रोजगार की समस्या पैदा हो गई। उन्हें अपने हक की लडाई के लिए कंपनी के मैनेजमेंट से शांतिपूर्वक वार्ता करनी चाहिए थी, लेकिन महेश प्रधान व उनके साथी श्रमिकों ने इन्टक का झण्डा लेकर अपनी मांगें पूरी करवाने के लिए हडताल जैसा कदम उठाया, जिससे श्रमिकों की यह समस्या और गंभीर हो गई।
गौरतलब है कि पिछले भिवाड़ी स्थित श्रीराम पिस्टन एण्ड रिंग्स लिमिटेड़ में काम करने वाले श्रमिक अपनी मांगों के समर्थन में पिछले करीब तीन माह से हड़ताल पर चल रहे हैं। श्रमिक कंपनी में यूनियन बनाना चाहते हैं, जिससे नाराज प्रबंधन ने 22 श्रमिकों को कंपनी से बाहर कर रखा था और जिन्हें वापस लेने की श्रमिक मांग कर रहे थे।
महेश प्रधान ने कहा कि अब श्रीराम पिस्टन कंपनी के श्रमिक कोई यूनियन नहीं बनाएंगे, बशर्ते कि कंपनी जेल में बन्द श्रमिकों को जल्द से जल्द रिहा करवाये तथा उनके अन्य साथियों पर लगे मुकदमें वापस हों और शीघ्र ही उन्हें वापस से नौकरी पर लिया जाये।
महांपचायत में विधायक मामन सिंह ने घोषणा की कि मंगलवार को श्रमिक नेताओं, श्रीराम पिस्टन कंपनी मैनेजमेंट तथा जिला कलेक्टर के बीच मामले में समझौते के लिए वार्ता होगी। यादव ने कहा कि, ‘मैंने पहले भी महेश प्रधान व उनके साथी श्रमिकों से कहा था कि वे राजनीतिक पार्टियों के बहकावे में आकर यूनियन बनाने जैसा कदम नहीं उठाएं क्योंकि राज्य में जब भी श्रमिकों की यूनियनें बनीं और श्रमिकों की समस्या पैदा हुई तो उद्योग-कारखाने बंद हो गये और श्रमिकों के समक्ष रोजगार की समस्या पैदा हो गई। उन्हें अपने हक की लडाई के लिए कंपनी के मैनेजमेंट से शांतिपूर्वक वार्ता करनी चाहिए थी, लेकिन महेश प्रधान व उनके साथी श्रमिकों ने इन्टक का झण्डा लेकर अपनी मांगें पूरी करवाने के लिए हडताल जैसा कदम उठाया, जिससे श्रमिकों की यह समस्या और गंभीर हो गई।
गौरतलब है कि पिछले भिवाड़ी स्थित श्रीराम पिस्टन एण्ड रिंग्स लिमिटेड़ में काम करने वाले श्रमिक अपनी मांगों के समर्थन में पिछले करीब तीन माह से हड़ताल पर चल रहे हैं। श्रमिक कंपनी में यूनियन बनाना चाहते हैं, जिससे नाराज प्रबंधन ने 22 श्रमिकों को कंपनी से बाहर कर रखा था और जिन्हें वापस लेने की श्रमिक मांग कर रहे थे।
