रामपाल मामले में अगली सुनवाई 28 नवम्बर को
चंडीगढ़। अदालत की अवमानना मामले में हिसार जिले के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम से गिरफ्तार किए गए कथित संत रामपाल को पंजाब और हरियाणा उच्च न...
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चंडीगढ़। अदालत की अवमानना मामले में हिसार जिले के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम से गिरफ्तार किए गए कथित संत रामपाल को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने आज पुलिस हिरासत में साैंपने के साथ ही इस मामले में अगली सुनवाई 28 नवम्बर तय की है।
रामपाल को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायमूर्ति एम जयापाल और दर्शन सिंह की अदालत पेश किया गया। इस मौके पर राज्य के गृह सचिव पी.के महापात्र, पुलिस महानिदेशक एस.एन.वशिष्ठ और महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन भी अदालत में उपस्थित थे।
अदालत में सुनवाई शुरू होते ही बचाव पक्ष ने दलील दी कि रामपाल अदालत में इसलिए पेश नहीं हो सके, क्योंकि वह आश्रम में बंधक बना कर रखे गए थे, क्योंकि आश्रम के अंदर और बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। लेकिन अदालत इस दलील से ज्यादा संतुष्ट नहीं दिखाई दी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले बचाव पक्ष संत रामपाल के अदालत में पेश नहीं होने का कारण उनकी अस्वस्थता बताता रहा है। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने डीजीपी को आपरेशन रामपाल के दौरान हुई मौतों, घायलों, आश्रम से बरामद हथियार और गोला बारूद, बंकर निर्माण तथा इस समूचे आपरेशन में लगाए गए जवानों और इस पर हुए पूरे खर्च की विस्तृत जानकारी अदालत में अगली सुनवाई के दिन पेश करने के निर्देश दिए।
रामपाल को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायमूर्ति एम जयापाल और दर्शन सिंह की अदालत पेश किया गया। इस मौके पर राज्य के गृह सचिव पी.के महापात्र, पुलिस महानिदेशक एस.एन.वशिष्ठ और महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन भी अदालत में उपस्थित थे।
अदालत में सुनवाई शुरू होते ही बचाव पक्ष ने दलील दी कि रामपाल अदालत में इसलिए पेश नहीं हो सके, क्योंकि वह आश्रम में बंधक बना कर रखे गए थे, क्योंकि आश्रम के अंदर और बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। लेकिन अदालत इस दलील से ज्यादा संतुष्ट नहीं दिखाई दी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले बचाव पक्ष संत रामपाल के अदालत में पेश नहीं होने का कारण उनकी अस्वस्थता बताता रहा है। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने डीजीपी को आपरेशन रामपाल के दौरान हुई मौतों, घायलों, आश्रम से बरामद हथियार और गोला बारूद, बंकर निर्माण तथा इस समूचे आपरेशन में लगाए गए जवानों और इस पर हुए पूरे खर्च की विस्तृत जानकारी अदालत में अगली सुनवाई के दिन पेश करने के निर्देश दिए।
