तहसीलदार के आदेश पर विवादित दुकानों का सीमांकन

बिजौलियां, (जगदीश सोनी ): एनएच २७ के  नजदीक केसरगंज चौराहे पर एक रसूखदार द्वारा निर्मित आधा दर्जन दुकानों स्रद्ध  वेधता को लेकर कस्बे में ल...

बिजौलियां, (जगदीश सोनी ): एनएच २७ के  नजदीक केसरगंज चौराहे पर एक रसूखदार द्वारा निर्मित आधा दर्जन दुकानों स्रद्ध  वेधता को लेकर कस्बे में लम्बे समय से हो रही चर्चाओं व निर्माण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच तहसीलदार द्वारा गठित की गई सर्वे समिति ने बुधवार को दुकानों का सीमांकन किया। तहसीलदार गजानन जांगिड़ ने दुकानों का वास्तविक निर्माण कार्य किस आराजियात (१५,१ व ३८५/३) में हुआ है,इसक स्रद्ध  जानकारी के लिए सर्वे समिती बना कर सीमांकन के आदेश दिए थे।

 जानकारी के अनुसार आरजी नं. १५ आम रास्ता,आराजी नं. १ बिलानाम व आराजी नं. ३८५/३ रकबा २ बिस्वा पीडब्ल्यूडी के नाम दर्ज है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता ऋतुराज पाण्डेय ने दुकानों के निर्माण के पीछे राजनीतिक व प्रशासनिक संरक्षण होने का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर व तहसीलदार को की गई शिकायत में आरोप लगाया कि जिस भूमि पर दुकानें निर्मित हुई है वह पट्टा ग्राम पुरोहितों का खेड़ा की आबादी भूमि का है और उसे फ तेहपुर गांव की सिवाय चक भूमि में सेट किया गया है।

 जबकि दुकानों के   मालिक जगदीश सिंह सांखला का कहना है कि दुकानें पट्टे सुदा भूमि मे स्थित है। सीमांकन के दौरान मौके पर सर्वे समिती के भू-अभिलेख निरीक्षक देवा लाल भील, कार्यवाहक भू-अभिलेख निरीक्षक बिजौलियां अयूब खां,उमाजी का खेड़ा पटवारी शंकर लाल धाकड़, बिजौलियां पटवारी बलराम मीणा व उमाजी का खेड़ा सरपंच,सचिव व ऋतुराज पाण्डेय मोजूद थे।

इनका कहना है- अभी रिपोर्ट मिली नहीं है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही वास्तविकता का पता लग पाएगा। - गजानन जांगिड़, तहसीलदार बिजौलियां
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