कानीहेडा गांव में आयोजित हुआ जनक पुत्री उत्सव
बूंदी । ग्रामीण एवं शहरी समाज में पुत्री के जन्म का महत्व स्थापित करने तथा पुरूषों एवं महिलाओं के लिंगानुपात को संतुलित बनाए रखने में पु...
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बूंदी । ग्रामीण एवं शहरी समाज में पुत्री के जन्म का महत्व स्थापित करने तथा पुरूषों एवं महिलाओं के लिंगानुपात को संतुलित बनाए रखने में पुत्रा के समान ही पुत्री के जन्म को महत्व देना होगा। प्रतिस्पर्धा के दौर में महिला किसी भी क्षेत्रा में पुरूषों से कम नहीं है, बल्कि कई क्षेत्रों में वे अग्रिम पंक्ति में है। आवश्कता है सभी मामलों में बेटी को भी उतना ही महत्व दिया जाए, जितना बेटे को दिया जाता है।
ये उद्गार जिला कलक्टर आनंदी ने शुक्रवार को केशवरायपाटन ब्लाॅक के मायजा पंचायत के कानीहेडा गांव में आयोजित जनक पुत्री उत्सव (जामणा) कार्यक्रम में व्यक्त किए। कार्यक्रम का आयोजन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन सहयोग से किया गया।
उन्होंने कहा कि महिलाएं सभी क्षेत्रा में पूरी दक्षता व निष्ठा से कार्य करने में सक्षम है। ऐसा कोई कार्य नहीं जिसे महिलाएं नहीं कर सकती है।यहां तक की सेना में भी महिलाएं सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर अधिकांश कार्य दिमाग से करना होता है और दिमागी कार्यों में महिलाएं किसी से भी पीछे नहीं रहती है। अब जमाना बदल चुका है, इसलिए हम सभी को विशेष रूप से महिलाओं को अपनी सोच बदलनी होगी। साथ ही पुत्रा के समान पुत्री को भी महत्व देना होगा।
इस मौके पर कानीहेडा ग्राम की प्रसूता महिला फोरंता एवं उसकी पति नंद प्रकाश को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला कलक्टर आनंदी ने जामणा भेंट किया गया। जामणें में नवजात पुत्राी तथा उसके जनक जननी को नये वस्त्रा, फल फूल, खिलौने, झूला आदि भेंट किए गए। जिला कलक्टर ने फोरंता की नवजात पुत्री को गोद में लेकर दुलार एवं आर्शीवाद दिया।
उल्लेखनीय है कि फोरंता एवं नंदप्रकाश तथा सभी परिवार जन घर में प्रथम संतान के रूप में पुत्री के जन्म पर सभी बहुत आनंदित हुए थे। इसी कारण उन्हें अपनी प्रथम पुत्राी संतान का नाम आनंदी रखते हुए अपनी खुशी का इजहार किया। कार्यक्रम में गांव के महिलाओं ने मंगल गीत गाए तथा बैण्ड बजवाया गया। साथ ही सभी का मुंह मीठा करवाया गया।
इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक शोभा पाठक तथा सीएमएचओ जे.पी. मीणा ने विचार व्यक्त करते हुए पुत्री के जन्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मायजा सरपंच निर्मला कवंर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन काप्रेन ब्लाॅक के बीसीएमओ डाॅ. मांगीलाल मीणा ने कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन किया।
ये उद्गार जिला कलक्टर आनंदी ने शुक्रवार को केशवरायपाटन ब्लाॅक के मायजा पंचायत के कानीहेडा गांव में आयोजित जनक पुत्री उत्सव (जामणा) कार्यक्रम में व्यक्त किए। कार्यक्रम का आयोजन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन सहयोग से किया गया।
उन्होंने कहा कि महिलाएं सभी क्षेत्रा में पूरी दक्षता व निष्ठा से कार्य करने में सक्षम है। ऐसा कोई कार्य नहीं जिसे महिलाएं नहीं कर सकती है।यहां तक की सेना में भी महिलाएं सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर अधिकांश कार्य दिमाग से करना होता है और दिमागी कार्यों में महिलाएं किसी से भी पीछे नहीं रहती है। अब जमाना बदल चुका है, इसलिए हम सभी को विशेष रूप से महिलाओं को अपनी सोच बदलनी होगी। साथ ही पुत्रा के समान पुत्री को भी महत्व देना होगा।
इस मौके पर कानीहेडा ग्राम की प्रसूता महिला फोरंता एवं उसकी पति नंद प्रकाश को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला कलक्टर आनंदी ने जामणा भेंट किया गया। जामणें में नवजात पुत्राी तथा उसके जनक जननी को नये वस्त्रा, फल फूल, खिलौने, झूला आदि भेंट किए गए। जिला कलक्टर ने फोरंता की नवजात पुत्री को गोद में लेकर दुलार एवं आर्शीवाद दिया।
उल्लेखनीय है कि फोरंता एवं नंदप्रकाश तथा सभी परिवार जन घर में प्रथम संतान के रूप में पुत्री के जन्म पर सभी बहुत आनंदित हुए थे। इसी कारण उन्हें अपनी प्रथम पुत्राी संतान का नाम आनंदी रखते हुए अपनी खुशी का इजहार किया। कार्यक्रम में गांव के महिलाओं ने मंगल गीत गाए तथा बैण्ड बजवाया गया। साथ ही सभी का मुंह मीठा करवाया गया।
इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक शोभा पाठक तथा सीएमएचओ जे.पी. मीणा ने विचार व्यक्त करते हुए पुत्री के जन्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मायजा सरपंच निर्मला कवंर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन काप्रेन ब्लाॅक के बीसीएमओ डाॅ. मांगीलाल मीणा ने कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन किया।