लाखेरी सीएचसी को मिला राज्य का पहला आईएसओ प्रमाण पत्र

बूंदी । जिले के लाखेरी उपखण्ड मुख्यालय स्थित राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय को बेहतर सेवा सुविधाओं के लिए राज्य का पहला आईएसओ-9001ः2008 प्रम...

बूंदी । जिले के लाखेरी उपखण्ड मुख्यालय स्थित राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय को बेहतर सेवा सुविधाओं के लिए राज्य का पहला आईएसओ-9001ः2008 प्रमाण पत्र मिला है। लाखेरी का सामुदायिक चिकित्सालय आईएसओ प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाला राज्य का पहला सामुदायिक चिकित्सालय बन गया है। इस अवसर पर राजकीय चिकित्सा सामुदायिक चिकित्सालय परिसर में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक बाबूलाल वर्मा व अध्यक्षता कर रही जिला कलक्टर आनंदी ने चिकित्सालय प्रभारी डाॅ. सुनीता दुआ को आईएसओ प्रमाण पत्र प्रदान किया। 

समारेाह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक बाबूलाल वर्मा ने कहा कि सामुदायिक चिकित्सालय की सेवा सुविधाओं में ओर अधिक वृद्धि करने के लिए उनके स्तर से भी हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आईएसओ प्रमाण पत्र की सार्थकता तभी सिद्ध होगी, जब यहां मिलने वाली सेवा सुविधाओं की मरीज व उनके तीमारदार भी सराहना करें। उन्होंने कहा कि उपखण्ड मुख्यालय स्थित सामुदायिक चिकित्सालय से 70 ग्रामों की आबादी को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होती है। उन्होंने कहा कि दानदाता भी चिकित्सालय के विकास में अपना सहयोग प्रदान करने के लिए आगे आएं।

इस अवसर पर विधायक बाबूलाल वर्मा ने विधायक कोष से चिकित्सालय के लिए एक वातानुकूलित एम्बुलेंस उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की। उन्होंने जिला कलक्टर से आग्रह किया गया उनके विधायक कोष से पहली स्वीकृति वातानूकूलित एम्बुलेंस की ही की जावे।

समारोह में अध्यक्ष पद से सम्बोधित करते हुए जिला कलक्टर आनंदी ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के सेवा मानकों के अनुसार आईएसओ प्रमाण पत्र मिला, जो गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में आने वाली रोगियों की संख्या के अनुसार यहां मिलने वाली सुविधाओं के प्रति क्षेत्र की जनता में विश्वास है। जिले की अन्य चिकित्सा संस्थानों के प्रभारियों को भी लाखेरी मुख्यालय स्थित सामुदायिक चिकित्सालय से प्रेरणा लेकर सेवा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पहल करनी चाहिए।

इस अवसर पर चिकित्सालय की प्रभारी डाॅ. सुनीता दुआ ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि लाखेरी सीएचसी राज्य का पहला चिकित्सा संस्थान है, जिसे आईएसओ प्रमाण पत्र मिला हैं। इस चिकित्सालय में प्रति वर्ष औसतन 70 से 75 हजार आउटडोर रोगियों तथा 9 से 10 हजार इण्डोर रोगियों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है। लगभग 1200 संस्थागत प्रसव भी इस चिकित्सालय में होते है। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय की सेवाओं को सतत रूप से गुणवत्तापूर्ण बनाए रखा जाएगा।

समारोह में जिला परिषद सदस्य रामबाबू शर्मा, उपखण्ड अधिकारी ममता तिवारी सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सीएमएचओ डाॅ.जे.पी. मीणा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिले की अन्य चिकित्सा संस्थानों में भी सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण बनाने के प्रयास जारी रहेगें। समारोह का संचालन डीपीएम धर्मेन्द्र निर्विकार ने किया।  
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