ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने किया इंडिया जेम ऐंड ज्वेलरी अवार्ड्स 2015 के विजेताओं को सम्मानित
https://khabarrn1.blogspot.com/2016/03/piyush-goyal-awarded-to-winners-of-india-gem-and-jewellery-award-2015.html
जयपुर। केंद्र में विद्युत, कोयला, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने आज यहां सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में जेम ऐंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) द्वारा आयोजित ‘इंडिया जेम ऐंड ज्वेलरी अवार्ड्स (आईजीजेए) 2015' में भारतीय रत्नाभूषण क्षेत्र के बेहतरीन प्रदर्शनकर्ताओं को सम्मानित किया।
जीजेईपीसी-आईजीजेए 2015 में, कुल 32 नामकरण अवार्ड्स एवं 5 बधाई पुरस्कार दिये गए। इस अवसर पर उनके साथ राजस्थान के शहरी विकास और आवास (यूडीएच) मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, जयपुर शहर सांसद रामचरण बोहरा भी मौजूद थे।
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि, देश की अर्थव्यवस्था में जेम्स एवं ज्वैलरी कारोबार का भी महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन इसी कारोबार के जरिए भी कालाधन को कई बढ़ावा मिलता है। इसलिए हमें इस कारोबार की बदनामी और इस उद्योग के दुरुपयोग को रोकने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है।"
उन्होंने कहा कि, "हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के कई क्षेत्रों में व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जो जिम्मा लिया है, उसके तहत पूरे देशभर की हरेक व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। लेकिन इसके लिए हम सभी को अपने गिरेबां में झाँकने और अपनी जिम्मेदारी को समझने की भी आवश्यकता है। तभी सुधार की ओर बढ़ पाना संभव हो सकेगा। "
वहीं जीजेईपीसी चेयरमैन प्रवीण शंकर पांड्या ने कहा, ‘‘भारतीय रत्नाभूषण उद्योग को बीते समय में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। हमारी इंडस्ट्री ने किस तरह से चुनौतियों का सामना करते हुए एक विजेता के रूप में उभरकर सामने आई, यह आनंदायक व उत्साहजनक है। कुछ असाधारण कंपनियों एवं लोगों ने उम्मीदों से कहीं बढ़कर शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे बदले में 40 बिलियन अमेरिकी डाॅलर के निर्यात को हासिल करने में मदद मिली। आईजीजेए 2015 इस उद्योग के वास्तविक रत्नों को पहचान दिलाने एवं सम्मानित करने का एक मंच है।’’
उल्लेखनीय है कि जीजेईपीसी का 42वां वार्षिक पुरस्कार विशेष तौर पर जीेजेईपीसी सदस्यों के लिए आयोजित किया जाता है और इसके जरिए, वर्ष 2015 के दौरान निर्यात प्रदर्शन, मूल्यवर्द्धन और शोध एवं विकास पर निवेश व अन्य मानदंडों के आधार पर रत्नाभूषण निर्यातकों के शानदार एवं गुणी प्रदर्शन को सम्मानित किया गया है।
जीजेईपीसी-आईजीजेए 2015 में, कुल 32 नामकरण अवार्ड्स एवं 5 बधाई पुरस्कार दिये गए। इस अवसर पर उनके साथ राजस्थान के शहरी विकास और आवास (यूडीएच) मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, जयपुर शहर सांसद रामचरण बोहरा भी मौजूद थे।
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि, देश की अर्थव्यवस्था में जेम्स एवं ज्वैलरी कारोबार का भी महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन इसी कारोबार के जरिए भी कालाधन को कई बढ़ावा मिलता है। इसलिए हमें इस कारोबार की बदनामी और इस उद्योग के दुरुपयोग को रोकने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है।"
उन्होंने कहा कि, "हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के कई क्षेत्रों में व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जो जिम्मा लिया है, उसके तहत पूरे देशभर की हरेक व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। लेकिन इसके लिए हम सभी को अपने गिरेबां में झाँकने और अपनी जिम्मेदारी को समझने की भी आवश्यकता है। तभी सुधार की ओर बढ़ पाना संभव हो सकेगा। "
वहीं जीजेईपीसी चेयरमैन प्रवीण शंकर पांड्या ने कहा, ‘‘भारतीय रत्नाभूषण उद्योग को बीते समय में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। हमारी इंडस्ट्री ने किस तरह से चुनौतियों का सामना करते हुए एक विजेता के रूप में उभरकर सामने आई, यह आनंदायक व उत्साहजनक है। कुछ असाधारण कंपनियों एवं लोगों ने उम्मीदों से कहीं बढ़कर शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे बदले में 40 बिलियन अमेरिकी डाॅलर के निर्यात को हासिल करने में मदद मिली। आईजीजेए 2015 इस उद्योग के वास्तविक रत्नों को पहचान दिलाने एवं सम्मानित करने का एक मंच है।’’
उल्लेखनीय है कि जीजेईपीसी का 42वां वार्षिक पुरस्कार विशेष तौर पर जीेजेईपीसी सदस्यों के लिए आयोजित किया जाता है और इसके जरिए, वर्ष 2015 के दौरान निर्यात प्रदर्शन, मूल्यवर्द्धन और शोध एवं विकास पर निवेश व अन्य मानदंडों के आधार पर रत्नाभूषण निर्यातकों के शानदार एवं गुणी प्रदर्शन को सम्मानित किया गया है।
