हंगामे के साथ शुरू हुई नगर निगम साधारण सभा की बैठक
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/12/general-body-meeting-of-jnn-began-with-uproar.html
जयपुर। लम्बे समय के बाद आयोजित होने वाली नगर निगम की साधारण सभा की बैठक की शुरूआत आज हंगामें के साथ शुरू हुई। बैठक के 9 एजेंडों मे एक अतिरिक्त एंजेडे को शामिल किया गया है, जिसके तहत विधानसभावार जोन का गठन किया जाना शामिल है। महापौर निर्मल नाहटा की अध्यक्षता में आज सुबह शुरू हुई नगर निगम के के पांचवे बोर्ड की तीसरी साधारण सभा की बैठक की शुरूआत काफी हंगामेदार रही।
इस दौरान विपक्ष की ओर से नगर निगम में पनप रहे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ, जिसमें हाल ही में सामने आए सफाई समिति चेयरमैनों की लेन-देन की बातचीत का वायरल हुआ ऑडियो को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए गए। इसके साथ ही शहरभर में बिगड़ी हुई सफाई-व्यवस्था एवं कांग्रेसी पार्षदों के साथ किए जा रहे भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर भी विपक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई।
धरने पर बैठा विपक्ष
बैठक की शुरूआत में विपक्ष की ओर से विभिन्न मामलों को लेकर विरोध जताया गया और धरने के रूप में बैठकर भाजपा बोर्ड के भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ विरोध दर्शाया गया। विपक्ष के अनुसार भाजपा बोर्ड द्वारा कांग्रेसी पार्षदों के साथ किए जा रहे भेदभावपूर्ण रवैये के चलते उन्हें अपने वार्डों में विभिन्न विकास कार्य करवाने के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेसी पार्षदों के वार्डों में किसी तरह के विकास कार्यों को स्वीकृति नहीं दिए जाने के कारण वार्डों में व्यवस्थाओं के अभाव में वार्डवासियों के विरोध का निशाना कांग्रेसी पार्षदों को बनना पड़ रहा है।
इस दौरान विपक्ष की ओर से नगर निगम में पनप रहे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ, जिसमें हाल ही में सामने आए सफाई समिति चेयरमैनों की लेन-देन की बातचीत का वायरल हुआ ऑडियो को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए गए। इसके साथ ही शहरभर में बिगड़ी हुई सफाई-व्यवस्था एवं कांग्रेसी पार्षदों के साथ किए जा रहे भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर भी विपक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई।
धरने पर बैठा विपक्ष
बैठक की शुरूआत में विपक्ष की ओर से विभिन्न मामलों को लेकर विरोध जताया गया और धरने के रूप में बैठकर भाजपा बोर्ड के भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ विरोध दर्शाया गया। विपक्ष के अनुसार भाजपा बोर्ड द्वारा कांग्रेसी पार्षदों के साथ किए जा रहे भेदभावपूर्ण रवैये के चलते उन्हें अपने वार्डों में विभिन्न विकास कार्य करवाने के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेसी पार्षदों के वार्डों में किसी तरह के विकास कार्यों को स्वीकृति नहीं दिए जाने के कारण वार्डों में व्यवस्थाओं के अभाव में वार्डवासियों के विरोध का निशाना कांग्रेसी पार्षदों को बनना पड़ रहा है।
