केयर्न इंडिया को सीएसआर उत्कृष्टता अवार्ड
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बाड़मेर। प्रदेश में सीमावर्ती इलाके के बाड़मेर के थार रेगिस्तान में तेल खोज और उत्पादन का कार्य कर रही केयर्न इंडिया को वर्ष-2015 का सीआईआई-आईटीसी सस्टेनेबिलिटी अवार्ड प्रदान किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया। इस समारोह में केयर्न इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मयंक अशर ने आईटीसी अध्यक्ष वाई सी देवेश्वर, सीआईआई महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी और कौंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च के पूर्व महानिदेशक आर ए माशेलकर से ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र ग्रहण किए।
इस अवसर पर मयंक अशर ने अवार्ड को केयर्न इंडिया के कार्मिकों और राजस्थान, गुजरात और आंध्रप्रदेश में इसके सहयोगियों को समर्पित करते हुए कहा कि केयर्न में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी व्यापार दर्शन का अभिन्न हिस्सा है, क्योंकि सर्वांगिण् विकास के लिए टिकाऊ और समेकित बढ़ोतरी जरूरी है। उन्होंने कहा कि केयर्न अपने आसपास के समुदायों के अभूतपूर्व सामाजिक-आर्थिक विकास में भागीदारी निभाने में गर्व अनुभव करता है।
उल्लेखनीय है कि अब तक बाड़मेर में जारी राजस्थान प्रोजेक्ट ने 30 करोड़ बैरल तेल का महत्वपूर्ण योगदान दिया है और राजस्थान दुनिया के तेल-गैस नक्शे पर उभर रहा है। बाड़मेर में जहां केयर्न की अधिकांश गतिविधियां केंद्रित हैं, कंपनी समुदाय के साथ कौशल विकास, आर्थिक सहयोग, अवसर सृजन तथा आजीविका के लिए प्रशिक्षण में सहयोगी है। इन गतिविधियों ने बाड़मेर के सुदूर गांवों सहित इस जिले को एक सकारात्मक दिशा प्रदान की है।
इसके अतिरिक्त छह हजार घरेलू शौचालय, 200 स्कूली शौचालय के साथ पचास हजार लोगों को स्वस्थ जीवन शैली के साथ जोड़ा। इनके सबके अलावा सौर ऊर्जा, मोबाइल हेल्थ वैन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम से हजारों लोगों को एवं शिक्षा व छात्रवृत्ति कार्यकम के तहत पांच लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित किया।
इस अवसर पर मयंक अशर ने अवार्ड को केयर्न इंडिया के कार्मिकों और राजस्थान, गुजरात और आंध्रप्रदेश में इसके सहयोगियों को समर्पित करते हुए कहा कि केयर्न में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी व्यापार दर्शन का अभिन्न हिस्सा है, क्योंकि सर्वांगिण् विकास के लिए टिकाऊ और समेकित बढ़ोतरी जरूरी है। उन्होंने कहा कि केयर्न अपने आसपास के समुदायों के अभूतपूर्व सामाजिक-आर्थिक विकास में भागीदारी निभाने में गर्व अनुभव करता है।
उल्लेखनीय है कि अब तक बाड़मेर में जारी राजस्थान प्रोजेक्ट ने 30 करोड़ बैरल तेल का महत्वपूर्ण योगदान दिया है और राजस्थान दुनिया के तेल-गैस नक्शे पर उभर रहा है। बाड़मेर में जहां केयर्न की अधिकांश गतिविधियां केंद्रित हैं, कंपनी समुदाय के साथ कौशल विकास, आर्थिक सहयोग, अवसर सृजन तथा आजीविका के लिए प्रशिक्षण में सहयोगी है। इन गतिविधियों ने बाड़मेर के सुदूर गांवों सहित इस जिले को एक सकारात्मक दिशा प्रदान की है।
ये किए कार्य
इस वर्ष की प्रमुख गतिविधियों में 200 हेक्टेयर बंजर भूमि को विभिन्न कृषि प्रकल्पों के जरिये खेती योग्य बना कर पंद्रह हजार किसानों को लाभान्वित करने, बाड़मेर के उद्यमिता केंद्र और जोधपुर के केयर्न सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिये पंद्रह हजार बेरोजगार युवकों को वोकेशनल ट्रेनिंग देने का कार्य प्रमुख रहा। साथ ही डेयरी विकास कार्यक्रम के जरिये आठ वर्षों में 9 करोड़ रुपए का राजस्व ग्रामीणों ने अर्जित किया।इसके अतिरिक्त छह हजार घरेलू शौचालय, 200 स्कूली शौचालय के साथ पचास हजार लोगों को स्वस्थ जीवन शैली के साथ जोड़ा। इनके सबके अलावा सौर ऊर्जा, मोबाइल हेल्थ वैन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम से हजारों लोगों को एवं शिक्षा व छात्रवृत्ति कार्यकम के तहत पांच लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित किया।