'रिसर्जेंट राजस्थान पर हो रहा बेवजह पैसा बर्बाद'

Resurgent Rajasthan Summit,  रिसर्जेंट राजस्थान, रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में प्रदर्शन

- एक दिन हड़ताल रख विरोध करेंगे श्रमिक

जयपुर। नवम्बर में आयोजित होने वाले रिसर्जेंट राजस्थान को लेकर विभिन्न श्रमिक इसके विरोध में उतरेंगे और एक दिन की हड़ताल रखकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। 19-20 नवम्बर को आयोजित होने वाले रिसर्जेंट राजस्थान के पहले दिन केन्द्र एवं राज्य सरकार के सभी कर्मचारी एक मंच पर आकर श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में प्रदर्शन करेंगे।

इस दौरान प्रदेश के सभी 33 जिला मुख्यालयों पर धरने-प्रदर्शन किए जाएंगे। धरने में इंटक, एटक, सीटू, एचएमएस, एक्टू, राजसीटू, राज्य कर्मचारी संगठन, बैंक, बीमा, बीएसएनएल, डाक विभाग के कर्मचारी शामिल होंगे।

कर्मचारी नेताओं ने यहां आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि राजस्थान सरकार 19 नवंबर को रिसर्जेंट राजस्थान पर बेवजह पैसा बर्बाद कर रही है। इसमें आने वाले मेहमानों को राज्य सरकार का चेहरा दिखाने के लिए यह विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

कर्मचारी संगठन सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट शीघ्र जारी करने, बोनस की पात्रता और आंकलन की सीमा समाप्त करने, न्यूनतम मजदूरी 15 हजार रुपए प्रतिमाह करने, नई पेंशन नीति समाप्त करने, सभी श्रमिकों को पेंशन देने, रेलवे, बैंक, बीमा, डाक, रक्षा, रोडवेज में निजीकरण और एफडीआई समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

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