अस्पताल में ईलाज के साथ-साथ मरीज ले रहे भक्ति संगीत थैरेपी

Bhajan Kirtan, Music terophy, भक्ति संगीत थैरेपी, अस्पताल में भजन कीर्तन, राष्ट्रीय आयुर्वेदिक संस्थान जयपुर
जयपुर। कहते हैं कि संगीत में इतनी ताकत होती है कि उससे किसी गंभीर बीमारी के शिकार हुए मरीज का रोग तक दूर किया जा सकता है। बस जरूरत है संगीत थैरेपी के साथ-साथ संतुलित दिनचर्या और समय का सदुपयोग किए जाने की।

कुछ ऐसा ही किया जा रहा है शहर के अस्पताल में, जहां पर भर्ती मरीज इन दिनों चिकित्सकीय ईलाज के साथ-साथ भक्ति-संगीत थैरपी भी ले रहे हैं। खास बात ये है कि मरीजों के द्वारा किए जा रहे इस अनोखे प्रयोग में अस्पताल प्रशासन भी इनका भरपूर सहयोग कर रहा है।

शहर के जोरावर सिंह गेट स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेदिक संस्थान में मरीजों ने इन दिनों बीमारियों से निजात पाने के लिए भजनों का सहारा लिया जा रहा है। यहां पर भर्ती मरीज महिलाएं खाली समय में भजन-कीर्तन कर समय का सदुपयोग कर रही है। खास बात ये हैं कि इस कार्य में अस्पताल के डॉक्टर भी मरीजों का साथ दे रहे हैं।

यहां मरीजों की ओर से नियमित रूप से भजन सत्संग किया जाता है ताकि ईलाज के बाद दोपहर में खाली समय में दिनचर्या का बेहतर इस्तेमाल हो सके। यहां पर अस्पताल प्रांगण में पीपलेश्वर हनुमानजी का एक पुराना मंदिर है, जहां पर महिलाएं सुबह एवं शाम के समय सामूहिक भजन संत्संग करती है।

मंदिर से जुडे पुजारी विनोद शर्मा ने बताया कि मंदिरों में अस्पताल की महिलाओं की ओर से अब त्यौहार और धार्मिक पर्व पर संगीत भजन किए जाते हैं और खाली समय का सदुपयोग किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि विभिन्न शोधों के अनुसार संत्संग, भजन और संगीत तनाव कम करने के साथ कई बड़ी बीमारियों को दूर भगा देता है। क्लासिक संगीत, ईश्वर भजन से माईग्रेन, तनाव, शरीर में जकडऩ, हाथ पंाव में सुजन से जैसी अनेकों गंभीर बीमारियों से निजात पाई जा सकती है।

इस लेख पर अपने विचार व्यक्त करें...

Related Posts

Special 7678360114708804431
item