जनाना अस्पताल की सुविधाओं में होगा विस्तार
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/08/facilities-in-janana-hospital-to-be-expand.html
जयपुर। शहर के सबसे बड़े जनाना अस्पताल की सुविधाओं में विस्तार कर अतिरिक्त बैड्स की व्यवस्था की जायेगी। अस्पताल की साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था के साथ ही भर्ती महिलाओं व उनके परिजनों की सुविधा के लिए अन्य व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जायेगी। अस्पताल में प्रसूताओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए एक यूनिट को शास्त्रीनगर स्थित कांवटिया अस्पताल में स्थानांतरित किया जायेगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने जनाना अस्पताल एवं कांवटिया अस्पताल का दौरा कर यह जानकारी दी। उन्होंने जनाना अस्पताल एवं कांवटिया अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध करायी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने जनाना अस्पताल के निरीक्षण के बाद अधीक्षक कक्ष में एवं कांवटिया अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के कक्ष में बैठक आयोजित कर निर्माणाधीन कार्यों व अन्य सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
राठौड़ ने बताया कि कांवटिया अस्पताल में नये बनने वाले 50 बैड्स की यूनिट में जनाना अस्पताल का एक्सटेंसन करते हुए एक यूनिट स्थानांतरित की जायेगी। कांवटिया अस्पताल के लेबर रूम, नियोनेटल यूनिट एवं प्रसूता वार्ड को इस यूनिट के साथ जोड़ा जायेगा। कांवटिया अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ ही शिशु रोग विशेषज्ञ एवं सर्जरी की भी व्यवस्था की जायेगी। वर्तमान में कांवटिया अस्पताल में इन्डोर मरीजों के लिए 150 बैड्स की व्यवस्था है एवं 50 अतिरिक्त बैड की व्यवस्था की जा रही है।
राठौड़ ने जनाना अस्पताल परिसर की टूटी जालियों को आगामी एक सप्ताह में बदलने, सभी शौचालयों की सफाई की पुख्ता व्यवस्था करने, पंखे-कूलर आदि ठीक करवाने, वार्ड लेडी की समुचित व्यवस्था करने, सभी वार्डस में साफ-सुथरे पर्दे लगवाने, लेबर रूम-शौचालय में प्लास्टिक के पर्दे लगवाने एवं अस्पताल परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने मरीजों के परिजनों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था करने के साथ ही अस्पताल परिसर मेें उचित दरों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कैंटिन की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा मुकेश शर्मा ने अस्पताल परिसर में मरीजों एवं परिजनों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। अतिरिक्त मिशन निदेशक डाॅ नीरज के पवन ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया। इस अवसर पर सवाई मानसिंह मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. यू.एस.अ्रग्रवाल, जनाना अस्पताल अधीक्षिका डाॅ. लता राजोरिया सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने जनाना अस्पताल एवं कांवटिया अस्पताल का दौरा कर यह जानकारी दी। उन्होंने जनाना अस्पताल एवं कांवटिया अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध करायी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने जनाना अस्पताल के निरीक्षण के बाद अधीक्षक कक्ष में एवं कांवटिया अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के कक्ष में बैठक आयोजित कर निर्माणाधीन कार्यों व अन्य सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
राठौड़ ने बताया कि कांवटिया अस्पताल में नये बनने वाले 50 बैड्स की यूनिट में जनाना अस्पताल का एक्सटेंसन करते हुए एक यूनिट स्थानांतरित की जायेगी। कांवटिया अस्पताल के लेबर रूम, नियोनेटल यूनिट एवं प्रसूता वार्ड को इस यूनिट के साथ जोड़ा जायेगा। कांवटिया अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ ही शिशु रोग विशेषज्ञ एवं सर्जरी की भी व्यवस्था की जायेगी। वर्तमान में कांवटिया अस्पताल में इन्डोर मरीजों के लिए 150 बैड्स की व्यवस्था है एवं 50 अतिरिक्त बैड की व्यवस्था की जा रही है।
150 अतिरिक्त बैड
चिकित्सा मंत्री ने जनाना अस्पताल परिसर में 150 अतिरिक्त बैड की व्यवस्था करने के लिए लगभग 4 करोड़ रुपये की राशि के प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये। उन्होंने यह कार्य यथाशीघ्र कराने के लिए प्री-फ्रेब्रिकेटेड तकनीक का उपयोग करने की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्होंने अस्पताल परिसर में स्थित 29 कोटेज में से 20 कोटेज में 3-3 बैड लगाकर 60 प्रसूताओं के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिये। इस समय जनाना अस्पताल में प्रसूताओं के लिए 476 बैड्स की व्यवस्था है एवं प्रसूताओं के दबाव को देखते हुए 150 अतिरिक्त बैड्स की व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये हैं।राठौड़ ने जनाना अस्पताल परिसर की टूटी जालियों को आगामी एक सप्ताह में बदलने, सभी शौचालयों की सफाई की पुख्ता व्यवस्था करने, पंखे-कूलर आदि ठीक करवाने, वार्ड लेडी की समुचित व्यवस्था करने, सभी वार्डस में साफ-सुथरे पर्दे लगवाने, लेबर रूम-शौचालय में प्लास्टिक के पर्दे लगवाने एवं अस्पताल परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने मरीजों के परिजनों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था करने के साथ ही अस्पताल परिसर मेें उचित दरों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कैंटिन की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा मुकेश शर्मा ने अस्पताल परिसर में मरीजों एवं परिजनों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। अतिरिक्त मिशन निदेशक डाॅ नीरज के पवन ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया। इस अवसर पर सवाई मानसिंह मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. यू.एस.अ्रग्रवाल, जनाना अस्पताल अधीक्षिका डाॅ. लता राजोरिया सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।
