डेढ़ माह से जलापूर्ति बाधित, 200-300 रुपए प्रति टैंकर के देने को मजबूर ग्रामीण
बोरवेल की खराब पड़ी मोटर को भी ठीक करवाने के लिए हालाँकि ग्रामीणों के द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं, परन्तु विभाग अभी तक भी इस ओर कोई ध्यान नही दे रहा हैं। मोटर को ठीक करवाने के लिए विभाग की ओर से ना तो कोई कार्मिक भेजा जा रहा और ना ही इस ओर कोई ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में प्यास से ग्रामीणों के हलक सूखते जा रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर बोरवेल बन्द होने के कारण ग्रामीण 200 से 300 रुपए प्रति टैंकर के हिसाब से पानी डलवाने को मजबूर हैं और जीवन की सबसे बड़ी जरुरत माने जाने वाला पानी भी महंगे दामों पर लेना पड़ रहा है। इतना ही नहीं गांव के पशु-पक्षियों को भी प्यास से दो-चार होना पड़ रहा है, जिनकी हालत देख खर कई बार गांव के किसी भामाशाह द्वारा इन पशु पक्षियों पर दया भाव से पानी दाल दिया जाता है, जिससे इनका गला कुछ देर के लिए तर हो जाता है और इन्हे प्यास से कुछ निजात मिल जाती है।