बारिश में नाला जाम हो जाने से घरों में घुस जाता है पानी
बिजौलियां । (जगदीश सोनी ) : वार्ड नं. 18 में छोटा दरवाजा के पास शहर कोट तोड़ कर बनाए गए नाले के अधूरे निर्माण की वजह से जमा कचरे व...
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बिजौलियां । (जगदीश सोनी ): वार्ड नं. 18 में छोटा दरवाजा के पास शहर कोट तोड़ कर बनाए गए नाले के अधूरे निर्माण की वजह से जमा कचरे व कीचड़ की सड़ांध से आसपास रहने वाले लोग लंबे समय से परेशान हेै। वार्ड वासियों ने बताया कि यहां पूर्व में रियासत कालीन नाला बना हुआ था जिससे बरसाती व गंदे पानी की निकासी होती थी। समय के साथ दूसरी तरफ जमीन का स्तर ऊंचा हो जाने से पानी निकासी में आ रही समस्या को देखते हुए पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा शहर कोट तुड़वा कर नाले को चौड़ा किया गया।अधूरे निर्माण के कारण कचरा व गंदगी जमा हो जाने की वजह से नाले के साथ ही मकानों के बाहर नालियों में भी पानी भर जाता है। शहर कोट की चुनाई मिट्टी में होने की वजह से बरसात में आए दिन पत्थर गिरने से भी नाला जाम हो जाता है और बारिश का पानी घरों में घुस जाता है। दो साल पहले भी बरसात में अचानक शहरकोट के पत्थर ढहने से हादसा होते-होते बचा था व मलबे से नाला जाम होने के कारण पानी घरों में घुस गया था। बरसात का मौसम नजदीक होने के बाद भी ग्राम पंचायत व प्रशासन द्वारा नाले की मरम्मत के लिए कोई प्रयास शुरू नहीं किए जाने व पिछले दो साल से मरम्मत के नाम पर दिए जारहे कोरे आश्वासनों से लोगों में आक्रोश है।
जबकि सभी जगहों पर मानसून से पहले ही बरसाती पानी की सुगमता से निकासी के लिए नालों व नालियों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है। नाले की नियमित सफाई नहीं होने से भी समस्या बढ़ रही है। गंदे पानी की वजह से पेैदा होने वाले मच्छरों से डेंगू व मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियां फै लने की आंशका से लोग ग्रसित है। विदित है कि मलेरिया के लिहाज से बिजौलियां क्षेत्र हाई रिस्क जोन में शुमार हो कर प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। इसके बावजुद स्वास्थ्य विभाग भी आँखें मुदे बैठा है।