कांग्रेस के वरिष्ठ नेता परसराम मदेरणा का निधन

जयपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके 88 वर्षीय परसराम मदेर...

जयपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके 88 वर्षीय परसराम मदेरणा का रविवार तड़के सवाई मानसिंह अस्पताल में निधन हो गया। मदेरणा पिछले चार दिनों से अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था।

सवाई मानसिंह अस्पताल के अधीक्षक डॉ वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि मदेरणा को पैरों में और पेट में सूजन की शिकायत कि वजह से भर्ती कराया गया था। वह डायबिटीज, ऑस्टियोअर्थराइटिस और सेप्टीसेमिया से भी पीड़ित थे और शनिवार देर रात अचानक उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई थी तथा रविवार तड़के उनकी मृत्यु गई।

उल्लेखनीय है कि जोधपुर जिले के चाडी गांव में जन्मे मदेरणा की कर्मस्थली भोपालगढ़ रही, उन्होंने भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र का लम्बे समय तक प्रतिनिधित्व किया। परसराम मदेरणा के परिवार में दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं, उनके बड़े बेटे और कांग्रेस के पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा भंवरी देवी हत्याकांड मामले के सिलसिले में जेल में हैं, जिन्हे अदालत ने 12 फरवरी को बीमार पिता की देखरेख करने के लिए अंतरिम जमानत दी थी।

मदेरणा के राजनीतिक सफर की शुरुआत चांडी गांव में सरपंच बनने से हुई थी और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। सरपंच से स्पीकर तक निभाई भूमिका कामकाज के मामले में सख्त मिजाज के माने जाने वाले 88 वर्षीय मदेरणा ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर प्रदेश की सबसे बडी पंचायत विधानसभा तक के अध्यक्ष रहे हैं।

जाट समाज के कद्दावर नेता के साथ ही वे 1957 से लेकर 2003 तक नौ बार विधायक और इसी दौरान 1989 से 1994 तक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और 1959 से 1962 तक प्रदेश कांग्रेस में महासचिव भी रहे। विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और आपातकाल के समय विधानसभा में कांग्रेस के उपनेता भी रह चुके हैं।

1962 में पहली बार सामान्य प्रशासन विभाग के उपमंत्री बने और उसके बाद राजस्व, पंचायती राज, सहकारिता, वन, स्वायत्त शासन, सिंचाई, पीएचईडी व ऊर्जा सहित विभिन्न विभागों के मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई। जन लेखा समिति के चेयरमेन सहित विधानसभा के अनेक समितियों के मुखिया व सदस्य तथा जोधपुर विश्वविद्यालय की सिंडीकेट में भी रहे।

दिवंगत मदेरणा का निधन होने होने के बाद रविवार को दोपहर उनकी पौत्री दिव्या मदेरणा, पुत्रवधु लीला मदेरणा समेत परिवार के अन्य सदस्य उनकी पार्थिव देह लेने के लिए पहुंचे और अंतिम संस्कार के लिए जोधपुर जिले के फलौदी तहसील स्थित उनके पैतृक गांव चांडी में लेकर रवाना हुए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।


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