राजे के शपथ ग्रहण समारोह पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
जयपुर। राजस्थान में 14वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष एवं शुक्रवार को मुख्यमंत्री...
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जयपुर। राजस्थान में 14वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष एवं शुक्रवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने वाली वसुंधरा राजे के शपथ ग्रहण समारोह पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डॉ. अर्चना शर्मा ने शुक्रवार को आयोजित होने वाले नवनियुक्त मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के शपथ ग्रहण समारोह को भारतीय जनता पार्टी का समारोह बनाये जाने पर कड़ी आपत्ति प्रकट करते हुए कहा है कि समारोह पर सरकारी धन का जमकर दुरूपयोग किया जा रहा है।
शर्मा ने कहा कि पूर्व में जब भी कांग्रेस का शासन आया तब मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह सादगी के साथ राजभवन में आयोजित किया जाता रहा है। इसके विपरीत सामंती सोच से ओतप्रोत भाजपा की नवनियुक्त मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह एक लोकतांत्रिक तरीके से चयनित मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह न होकर महारानी के राजतिलक की वैभवता का प्रदर्शन ज्यादा प्रतीत हो रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे भव्य आयोजनों में जनता की गाढी कमाई का दुरूपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार परम्परागत रूप से देश के प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह का स्थान राष्ट्रपति भवन में अशोक हॉल है, उसी प्रकार मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह का स्थान राजभवन होता है।
उन्होंने कहा कि यदि शपथ ग्रहण समारोह के बाद राजे व अन्य भाजपा नेता सभा को सम्बोधित करते है तो यह पार्टी का निजी कार्यक्रम बन जाएगा। ऐसे में इस समारोह पर होने वाला खर्चा भारतीय जनता पार्टी से वसूला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2003 में भी राजे ने शपथ ग्रहण करने के पश्चात् जनपथ पर आयोजित कार्यक्रम में सभा को सम्बोधित किया था।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डॉ. अर्चना शर्मा ने शुक्रवार को आयोजित होने वाले नवनियुक्त मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के शपथ ग्रहण समारोह को भारतीय जनता पार्टी का समारोह बनाये जाने पर कड़ी आपत्ति प्रकट करते हुए कहा है कि समारोह पर सरकारी धन का जमकर दुरूपयोग किया जा रहा है।
शर्मा ने कहा कि पूर्व में जब भी कांग्रेस का शासन आया तब मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह सादगी के साथ राजभवन में आयोजित किया जाता रहा है। इसके विपरीत सामंती सोच से ओतप्रोत भाजपा की नवनियुक्त मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह एक लोकतांत्रिक तरीके से चयनित मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह न होकर महारानी के राजतिलक की वैभवता का प्रदर्शन ज्यादा प्रतीत हो रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे भव्य आयोजनों में जनता की गाढी कमाई का दुरूपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार परम्परागत रूप से देश के प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह का स्थान राष्ट्रपति भवन में अशोक हॉल है, उसी प्रकार मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह का स्थान राजभवन होता है।
उन्होंने कहा कि यदि शपथ ग्रहण समारोह के बाद राजे व अन्य भाजपा नेता सभा को सम्बोधित करते है तो यह पार्टी का निजी कार्यक्रम बन जाएगा। ऐसे में इस समारोह पर होने वाला खर्चा भारतीय जनता पार्टी से वसूला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2003 में भी राजे ने शपथ ग्रहण करने के पश्चात् जनपथ पर आयोजित कार्यक्रम में सभा को सम्बोधित किया था।
