सेना ने किया ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण
जैसलमेर। सेना ने आज राजस्थान में पोखरण की परीक्षण रेंज में उपयोगकर्ता परीक्षण के तौर पर 290 किमी मारक क्षमता वाली सुपरसानिक क्रूज मिसाइल...
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जैसलमेर। सेना ने आज राजस्थान में पोखरण की परीक्षण रेंज में उपयोगकर्ता परीक्षण के तौर पर 290 किमी मारक क्षमता वाली सुपरसानिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इस मिसाइल को रेंज में पूरे साजोसमान से लैस सचल कमान चौकी में लगे मोबाइल आटोनोमस लांचर से दागा गया।
रक्षा प्रवक्ता कर्नल एस डी गोस्वामी के अनुसार प्रक्षेपण सफल रहा तथा मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य का भेदन किया। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस प्रक्षेपण को देखा और इसके सफल परीक्षण के लिए अभियान दल को बधाई दी। रूस के साथ भागीदारी में भारत द्वारा विकसित इस मिसाइल को सेना एवं नौसेना पहले ही शामिल कर चुकी है।
ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। क्रूज मिसाइल वह होती है जो कम ऊंचाई पर तेजी से उड़ान भरती है और इस तरह से रडार की आंख से बच जाती है। ब्रह्मोस की विशेषता यह है कि इसे जमीन से, हवा से, सबमरीन से, जहाज से यानी कि लगभग कहीं से भी दागा जा सकता है।
यही नहीं, इस मिसाइल को पारम्परिक लॉन्चर के अलावा वर्टिकल लॉन्चर से भी दागा जा सकता है। ब्रह्मोस के मेनुवरेबल संस्करण का हाल ही में सफल परीक्षण किया गया, जिससे इस मिसाइल की मारक क्षमता में और भी बढ़ोत्तरी हुई है।
रक्षा प्रवक्ता कर्नल एस डी गोस्वामी के अनुसार प्रक्षेपण सफल रहा तथा मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य का भेदन किया। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस प्रक्षेपण को देखा और इसके सफल परीक्षण के लिए अभियान दल को बधाई दी। रूस के साथ भागीदारी में भारत द्वारा विकसित इस मिसाइल को सेना एवं नौसेना पहले ही शामिल कर चुकी है।
ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। क्रूज मिसाइल वह होती है जो कम ऊंचाई पर तेजी से उड़ान भरती है और इस तरह से रडार की आंख से बच जाती है। ब्रह्मोस की विशेषता यह है कि इसे जमीन से, हवा से, सबमरीन से, जहाज से यानी कि लगभग कहीं से भी दागा जा सकता है।
यही नहीं, इस मिसाइल को पारम्परिक लॉन्चर के अलावा वर्टिकल लॉन्चर से भी दागा जा सकता है। ब्रह्मोस के मेनुवरेबल संस्करण का हाल ही में सफल परीक्षण किया गया, जिससे इस मिसाइल की मारक क्षमता में और भी बढ़ोत्तरी हुई है।