मशहूर पाकिस्तानी कव्वाल अमजद साबरी की गोली मारकर हत्या
https://khabarrn1.blogspot.com/2016/06/reknowen-pakistani-qawwal-Amjad-Sabri-shot-dead-in-karachi.html
नई दिल्ली। पाकिस्तान के मशहूर कव्वाल अमजद साबरी की कराची शहर में आज गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना उस समय की है जब कुछ अज्ञात लोगों ने अमजद साबरी की गाड़ी पर गोलियां चलाई, जिसमें 45 साल के कव्वाल और उनके साथी बुरी तरह से घायल हो गए। बाद में अस्पताल पहुंचाने पर अमजद साबरी को मृत घोषित कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, अमजद साबरी उनके कुछ साथियों के साथ बुधवार की आज दोपहर शहर के लियाकताबाद इलाके में थे, जहां कुछ अज्ञात लोगों ने मशहूर कव्वाल अमजद साबरी की गाड़ी पर गोलियां चलाई, जिससे गाड़ी में सवार साबरी एवं उनके अन्य साथी बुरी तरह से घायल हो गए। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुश्ताक मेहर के हवाले से पाकिस्तानी अखबार डॉन ने कहा कि इस हत्या के पीछे का मकसद अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अमजद के सिर पर दो गोलियां और कान पर एक गोली लगी।
उल्लेखनीय है कि अमजद साबरी जाने माने कव्वाल गुलाम फरीद साबरी के बेटे थे। 1970 के दशक में कव्वाली को पश्चिमी देशों तक ले जाने का श्रेय साबरी बंधुओं को ही जाता है। इस कव्वाली ग्रुप की शुरुआत दिवंगत गुलाम फरीद साबरी और उनके छोटे भाई हाजी मकबूल अहमद साबरी ने की थी।
जानकारी के मुताबिक, अमजद साबरी उनके कुछ साथियों के साथ बुधवार की आज दोपहर शहर के लियाकताबाद इलाके में थे, जहां कुछ अज्ञात लोगों ने मशहूर कव्वाल अमजद साबरी की गाड़ी पर गोलियां चलाई, जिससे गाड़ी में सवार साबरी एवं उनके अन्य साथी बुरी तरह से घायल हो गए। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुश्ताक मेहर के हवाले से पाकिस्तानी अखबार डॉन ने कहा कि इस हत्या के पीछे का मकसद अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अमजद के सिर पर दो गोलियां और कान पर एक गोली लगी।
उल्लेखनीय है कि अमजद साबरी जाने माने कव्वाल गुलाम फरीद साबरी के बेटे थे। 1970 के दशक में कव्वाली को पश्चिमी देशों तक ले जाने का श्रेय साबरी बंधुओं को ही जाता है। इस कव्वाली ग्रुप की शुरुआत दिवंगत गुलाम फरीद साबरी और उनके छोटे भाई हाजी मकबूल अहमद साबरी ने की थी।
