राहुल गांधी पर टिप्पणी करने वाले विधायक की बर्खास्तगी की मांग
https://khabarrn1.blogspot.com/2016/02/congress-seeks-dismissal-of-bjp-mla-who-commented-rahul-gandhi.html
जयपुर। जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू) विश्वविद्यालय मामले पर
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को गद्दार कहते हुए पर टिप्पणी करने वाले
राजस्थान में बाड़मेर की बायतु विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
के विधायक कैलाश चौधरी के समेत पांच भाजपाइयों पर अमेठी में मामला दर्ज
किया गया है। वहीं इस मामले में राजस्थान कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने
राज्यपाल से मुलाक़ात की और भाजपा विधायक की बर्खास्तगी की मांग को लेकर
ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन देने वालों में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, गिरिजा व्यास, राजस्थान विधानसभा मे प्रतिपक्ष के नेता रामेश्वर लाल डूडी, नमोनारायण मीणा एवं पार्टी के कई विधायकों समेत कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद थे।
इस मामले को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी विधायकों द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई घोर आपत्तिजनक टिप्पणी की निन्दा की है। गहलोत ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि, "बीजेपी विधायकों द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी के खिलाफ की गई घोर आपत्तिजनक टिप्पणी की मैं निन्दा करता हूँ।"
गहलोत ने इस पोस्ट में कहा है कि, "मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी की मौन स्वीकृति के बिना भाजपा विधायकों - कैलाश चौधरी और ज्ञानदेव आहूजा द्वारा कांग्रेस उपाध्यक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना संभव नहीं है।"
"सीधे तौर पर इसके मायने यही है कि वे खुद अपनी पार्टी के लोगों को ऐसा करने के लिए भड़का रहे हैं। यह इस बात से भी सिद्ध होता है कि भाजपा ने कांग्रेस उपाध्यक्ष के खिलाफ जनता को भ्रमित करने के लिए हाल ही में प्रदेश स्तरीय तीन दिवसीय कार्यक्रम भी आयोजित किया है।"
गहलोत ने कहा कि, "भाजपा की इस हरकत के कारण कांग्रेसजन ही नहीं बल्कि आमजन भी आहत है। विधानसभा का बजट-सत्र अब शुरू होने जा रहा है और हमारे विधायकगण न चाहते हुए भी इस पर आवाज उठाने को मजबूर होंगे। कांग्रेस इसको विधानसभा के अंदर और बाहर कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।"
"कांग्रेस उपाध्यक्ष को मारने की धमकी देने की बात तो दूर किसी आमजन को भी यदि धमकी दी जाये तो उसके विरूद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। मगर यह सरकार मौन धारण किये बैठी है।"
उल्लेखनीय है कि बायतु से भाजपा के विधायक कैलाश चौधरी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को गद्दार करार देते हुए कहा था कि उन्हें फांसी पर लटका कर गोली मार दी जाए। विधायक ने कहा कि जेएनयू में देश विरोधी हरकतें करने वालों का समर्थन करके कांग्रेस ने देश के खिलाफ काम किया है। कैलाश ने राहुल गांधी से माफी मांगने और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की भी मांग की थी।
इसी प्रकार से अलवर जिले से रामगढ़ के विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने जेएनयू परिसर को अश्लीलता का अड्डा बताते हुए कहा की जेएनयू परिसर में रोजाना 3 हजार इस्तेमाल किए हुए कंडोम और 500 इस्तेमाल किए हुए अबॉर्शन इंजेक्शन मिलते हैं।
ज्ञापन देने वालों में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, गिरिजा व्यास, राजस्थान विधानसभा मे प्रतिपक्ष के नेता रामेश्वर लाल डूडी, नमोनारायण मीणा एवं पार्टी के कई विधायकों समेत कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद थे।
इस मामले को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी विधायकों द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई घोर आपत्तिजनक टिप्पणी की निन्दा की है। गहलोत ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि, "बीजेपी विधायकों द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी के खिलाफ की गई घोर आपत्तिजनक टिप्पणी की मैं निन्दा करता हूँ।"
गहलोत ने इस पोस्ट में कहा है कि, "मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी की मौन स्वीकृति के बिना भाजपा विधायकों - कैलाश चौधरी और ज्ञानदेव आहूजा द्वारा कांग्रेस उपाध्यक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना संभव नहीं है।"
"सीधे तौर पर इसके मायने यही है कि वे खुद अपनी पार्टी के लोगों को ऐसा करने के लिए भड़का रहे हैं। यह इस बात से भी सिद्ध होता है कि भाजपा ने कांग्रेस उपाध्यक्ष के खिलाफ जनता को भ्रमित करने के लिए हाल ही में प्रदेश स्तरीय तीन दिवसीय कार्यक्रम भी आयोजित किया है।"
गहलोत ने कहा कि, "भाजपा की इस हरकत के कारण कांग्रेसजन ही नहीं बल्कि आमजन भी आहत है। विधानसभा का बजट-सत्र अब शुरू होने जा रहा है और हमारे विधायकगण न चाहते हुए भी इस पर आवाज उठाने को मजबूर होंगे। कांग्रेस इसको विधानसभा के अंदर और बाहर कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।"
"कांग्रेस उपाध्यक्ष को मारने की धमकी देने की बात तो दूर किसी आमजन को भी यदि धमकी दी जाये तो उसके विरूद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। मगर यह सरकार मौन धारण किये बैठी है।"
उल्लेखनीय है कि बायतु से भाजपा के विधायक कैलाश चौधरी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को गद्दार करार देते हुए कहा था कि उन्हें फांसी पर लटका कर गोली मार दी जाए। विधायक ने कहा कि जेएनयू में देश विरोधी हरकतें करने वालों का समर्थन करके कांग्रेस ने देश के खिलाफ काम किया है। कैलाश ने राहुल गांधी से माफी मांगने और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की भी मांग की थी।
इसी प्रकार से अलवर जिले से रामगढ़ के विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने जेएनयू परिसर को अश्लीलता का अड्डा बताते हुए कहा की जेएनयू परिसर में रोजाना 3 हजार इस्तेमाल किए हुए कंडोम और 500 इस्तेमाल किए हुए अबॉर्शन इंजेक्शन मिलते हैं।
