आवारा पशुओं का बाड़ा बन गए शहर के बाजार
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/07/sirohi-market-is-turning-into-animals-yard.html
सिरोही। शहर में आवारा पशुओं की भरमार लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हई है। आए दिन आवारा पशु आपस में झगड़ते हुए किसी न किसी को चोटिल कर रहे हैं। शहर में पिछले कई दिनों से आवारा पशुओं के कारण कई घटनाएं घट चुकी है।
गत दिनों रोडवेज बस डिपो के सामने अचानक दो सांड आपस में भिड़ गए और लड़ते-लड़ते गली में खड़े वाहनों का नुकसान करते हुए चलते बने। इसके बाद संपूणानंद कॉलानी में दो सांड आपस में लड़ते-लड़ते एक रहागीर को चोटिल कर बैठे। इस तरह की घटना कई बार हो चुकी है।
नगर परिषद व जिला प्रशासन की अनदेखी के चलते शहर में इन दिनों आवारा पशुओं की भरमार है। आए दिन लोगों के घरों में घुस जाते हैं और नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार राहगीरों को भी चोटिल कर देते हैं। लोगों ने नगर परिषद व प्रशासन से माग की है कि इन आवारा पशुओं को पकड़कर उन्हे इनके आतंक से निजात दिलाई जाए। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
जिला प्रशासन को शहर में आवारा पशुओं के आंतक से निजात दिलाने के लिए शहर के पास कई गौशालाएं बनीं हुईं है। शहर में घूम रहे इन आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला में भेजा जाना चाहिए। बाजारों मेंं आवारा पशुओं का अड्डा बन गया है। शहर के मुख्य बाजार में आए दिन आवारा पशु घूमते रहते हैं और बाजारों में बिना किसी डर के मन चाहे उस दुकान के सामने बैठ जाते हैं।
इस समस्या के चलते बाजार के व्यापारी भी परेशान हैं। आवारा पशुओं के डर के चलते लोगों उनके दुकान को छोड़कर दूसरी दुकान में चले जाते हैं। आए दिन दुकानदारों को इन आवारा पशुओं से काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
गत दिनों रोडवेज बस डिपो के सामने अचानक दो सांड आपस में भिड़ गए और लड़ते-लड़ते गली में खड़े वाहनों का नुकसान करते हुए चलते बने। इसके बाद संपूणानंद कॉलानी में दो सांड आपस में लड़ते-लड़ते एक रहागीर को चोटिल कर बैठे। इस तरह की घटना कई बार हो चुकी है।
नगर परिषद व जिला प्रशासन की अनदेखी के चलते शहर में इन दिनों आवारा पशुओं की भरमार है। आए दिन लोगों के घरों में घुस जाते हैं और नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार राहगीरों को भी चोटिल कर देते हैं। लोगों ने नगर परिषद व प्रशासन से माग की है कि इन आवारा पशुओं को पकड़कर उन्हे इनके आतंक से निजात दिलाई जाए। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
जिला प्रशासन को शहर में आवारा पशुओं के आंतक से निजात दिलाने के लिए शहर के पास कई गौशालाएं बनीं हुईं है। शहर में घूम रहे इन आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला में भेजा जाना चाहिए। बाजारों मेंं आवारा पशुओं का अड्डा बन गया है। शहर के मुख्य बाजार में आए दिन आवारा पशु घूमते रहते हैं और बाजारों में बिना किसी डर के मन चाहे उस दुकान के सामने बैठ जाते हैं।
इस समस्या के चलते बाजार के व्यापारी भी परेशान हैं। आवारा पशुओं के डर के चलते लोगों उनके दुकान को छोड़कर दूसरी दुकान में चले जाते हैं। आए दिन दुकानदारों को इन आवारा पशुओं से काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है।