कमाई के लिए विदेश जाने वालों का क्या ये होता है हाल ...?
अपने घर-परिवार के लिए दो पैसे कमाने के लिए विदेश में जाकर काम करने वाले युवकों के साथ वहां किस तरह का बर्ताव किया जाता है, इसका अन्दाजा व...
https://khabarrn1.blogspot.com/2014/11/what-happens-with-those-who-go-to-abroad-for-earn.html
अपने घर-परिवार के लिए दो पैसे कमाने के लिए विदेश में जाकर काम करने वाले युवकों के साथ वहां किस तरह का बर्ताव किया जाता है, इसका अन्दाजा वाट्स-एप पर वायरल हुए एक मैसेज से लगाया जा सकता है, जिसमें एक युवक की ईलाज के अभाव में मौत होने की बात कही गई है।
वाटॅॅस-ऐप पर 4 नवम्बर को डाले एक ‘प्लीज हैल्प आॅफ इंडियन गाय्ज’ नामक एक मैसेज, जिसमें एक युवक की फोटो भी दी गई है, उसमें बताया गया है कि, ‘ये लड़का इंडियन है और सऊदी में इसका इंतकाल हो गया है। ये पिछले आठ दिनो से बीमार था, उसका मालिक उसका ईलाज नहीं करवा रहा था। 18 महिने हो गए हैं अभी तक किसी को ईकामा (वीजा के साथ एक निश्चित समय के लिए कार्य करने के दौरान दी जाने वाली सुविधाओं का एग्रीमेंट, जिसे हिंदी में अथॉरिटी लेटर भी कहा जा सकता है।) नहीं दिया है। हम 71 आदमी थे, जिनमें से 29 आदमियों को दूसरी कम्पनी में भेज दिया। 42 आदमी बचे हैं जिनको ईकामा नहीं दिया है। अभी भी 34 आदमी बीमार है, जिनका ईलाज नहीं कराया जा रहा है।’
इसके बाद मैसेजे में अपील के रूप में कहा गया है, ‘मेरे हिंदुस्तानी भाइयों हमारी जान बचाने में हमारी मदद करो। हम सऊदी में दामाम से 500 किलोमीटर दूर हफर अल बाती के पास सनैया मकबरा में हैं। कम्पनी का नाम है रोबेट अल नजीज और हमें यहां sky travel service mumbai 40054 (india) ने भेजा है। आप लोग हमारी जान बचाओ।’ इसके बाद भारत सरकार और विदेश मंत्रालय का ध्यान इस ओर दिलाने के लिए कहा गया है कि, ‘ये मैसेज इंडियन विदेश मंत्री और भारत सरकार के पास जाना चाहिए।’
बहरहाल, वाट्स-एप पर वायरल हुए इस मैसेज की सच्चाई चाहे जो भी हो, लेकिन अपने घर-परिवार से दूर सात सतमंदर पार रहकर आजीविका के लिए विदेश में नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं के साथ की जाने वाली इस तरह की ठगी का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें विदेश में रहकर अपने घर लौटने पर कई युवाओं ने ऊपर वाले का शुक्र अदा करते हुए फिर से विदेश जाने के नाम से तौबा तक की है।
वाटॅॅस-ऐप पर 4 नवम्बर को डाले एक ‘प्लीज हैल्प आॅफ इंडियन गाय्ज’ नामक एक मैसेज, जिसमें एक युवक की फोटो भी दी गई है, उसमें बताया गया है कि, ‘ये लड़का इंडियन है और सऊदी में इसका इंतकाल हो गया है। ये पिछले आठ दिनो से बीमार था, उसका मालिक उसका ईलाज नहीं करवा रहा था। 18 महिने हो गए हैं अभी तक किसी को ईकामा (वीजा के साथ एक निश्चित समय के लिए कार्य करने के दौरान दी जाने वाली सुविधाओं का एग्रीमेंट, जिसे हिंदी में अथॉरिटी लेटर भी कहा जा सकता है।) नहीं दिया है। हम 71 आदमी थे, जिनमें से 29 आदमियों को दूसरी कम्पनी में भेज दिया। 42 आदमी बचे हैं जिनको ईकामा नहीं दिया है। अभी भी 34 आदमी बीमार है, जिनका ईलाज नहीं कराया जा रहा है।’
इसके बाद मैसेजे में अपील के रूप में कहा गया है, ‘मेरे हिंदुस्तानी भाइयों हमारी जान बचाने में हमारी मदद करो। हम सऊदी में दामाम से 500 किलोमीटर दूर हफर अल बाती के पास सनैया मकबरा में हैं। कम्पनी का नाम है रोबेट अल नजीज और हमें यहां sky travel service mumbai 40054 (india) ने भेजा है। आप लोग हमारी जान बचाओ।’ इसके बाद भारत सरकार और विदेश मंत्रालय का ध्यान इस ओर दिलाने के लिए कहा गया है कि, ‘ये मैसेज इंडियन विदेश मंत्री और भारत सरकार के पास जाना चाहिए।’
बहरहाल, वाट्स-एप पर वायरल हुए इस मैसेज की सच्चाई चाहे जो भी हो, लेकिन अपने घर-परिवार से दूर सात सतमंदर पार रहकर आजीविका के लिए विदेश में नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं के साथ की जाने वाली इस तरह की ठगी का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें विदेश में रहकर अपने घर लौटने पर कई युवाओं ने ऊपर वाले का शुक्र अदा करते हुए फिर से विदेश जाने के नाम से तौबा तक की है।
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