हंगामे के साथ शुरू हुआ राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र

जयपुर। राजस्थान की 14वीं विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार को शुरू तो हुआ लेकिन जोरदार हंगामे के साथ। दरअसल, सांचौर से कांग्रेस विधायक सुखराम...

जयपुर। राजस्थान की 14वीं विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार को शुरू तो हुआ लेकिन जोरदार हंगामे के साथ। दरअसल, सांचौर से कांग्रेस विधायक सुखराम विश्नाई और भाजपा के सावरलाल जाट के गैर विधायक मंत्री रहने के मामले को लेकर शोकाभिव्यक्ति से पहले विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन हंगामा खड़ा हो गया, जिससे सदन की कार्यवाही को 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

शुक्रवार को 14वीं विधानसभा के द्वितीय सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही सबसे पहले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष समरथ लाल मीणा, आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन जनार्दन रेड्डी, पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे, भुवनेश चतुवेर्दी, गंगाराम चौधरी, रूपाराम डूडी, जितेन्द्र निनामा, हीरालाल आर्य, लक्ष्मीकुमारी चूंडावत, बंशीलाल सारस्वत, लादुराम सुलानियां, रामनारायण वर्मा और हिमाचल प्रदेश के मंडल जिले में व्यास नदी मारे गए युवाओं के निधन पर शोक व्यक्त किया गया।

इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने बोलना शुरू किया, तभी सांचौर से कांग्रेस विधायक सुखराम विश्नाई ने हाथ में कुछ कागजात दिखाते हुए वेल में अध्यक्ष की ओर बढ़े और कहा कि, कई जगह पर किसानों के साथ किए जा रहे धोखे के संबंध में पंचायतराज मंत्री को बताया, जिस पर कार्रवाई करते हुए एक पटवारी के खिलाफ तो कार्रवाई कर दी लेकिन मामले की जांच करवाकर किसानों के साथ अभी तक कोई न्याय नहीं किया गया है। अपनी बात कहते हुए विश्नोई वेल में आकर बैठ गए।

इस बीच रामेश्वर डूडी ने भी बोलना शुरू कर दिया और कहा कि, यह मामला गंभीर है, इसमें सरकार को आश्वस्त करना चाहिए। इस पर अध्यक्ष मेघवाल ने कहा कि अभी शोकाभिव्यक्ति का समय है। मैं आश्वस्त करता हूं कि सदन में सरकार इस पर चर्चा करेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी। इस पर प्रद्युम्न सिंह भी खड़े हो गए। डूडी भी खड़े होकर बोलने लगे।

इतना होने पर संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि, यह समय शोकाभिव्यक्ति का है और इस समय में किसी भी सदस्य के द्वारा कोई मामला उठाया जाता है तो , वह नियमों के तहत ही लाना चाहिए। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष ने यह कहते हुए मामला शांत कराया कि विधानसभा के चार सदस्यों ने लोकसभा चुनाव में सांसद चुने जाने के कारण 29 मई को त्यागपत्र दे दिया था, जिसमें ओम बिड़ला, बहादुर सिंह कोली, संतोष अहलावत और सावरलाल जाट शामिल है।

उम्मीद की जा रही है कि विधानसभा का सत्र 30 जुलाई तक चलेगा और सोमवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे वित्तमंत्री के तौर पर नई सरकार का पहला संपूर्ण बजट पेश कर सकती है।


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