भारतीय मीडिया से घबराए पाक की अजीब सलाह
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में भारतीय टीवी और न्यूज चैनलों की बढ़ती पैठ रोकने के लिए पाक की सेना को एक टीवी चैनल लांच करने का सुझाव दिया गया ...
https://khabarrn1.blogspot.com/2013/12/funny-advice-of-pakistan-bewildered-by-Indian-media.html
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में भारतीय टीवी और न्यूज चैनलों की बढ़ती पैठ रोकने के लिए पाक की सेना को एक टीवी चैनल लांच करने का सुझाव दिया गया है। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने यह सुझाव दिया है। ‘न्यूज डेली’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पाक सेना की प्रतिष्ठित ‘ग्रीन बुक’ के लिए लिखे गए ‘रणनीति पत्रों’ में से एक में यह अजीब सिफारिश की गई है।
पत्र में कहा गया है कि भारतीय मीडिया की पैठ को कारगिल मामले के दौरान नहीं रोका जा सका था। रणनीति पत्र ‘ग्रीन बुक’ के ‘सब कन्वेंशनल वारफेयर’ नामक विशेष चैप्टर का हिस्सा हैं।
मेजर जनरल मोहम्मद आजम आसिफ ने भारतीय टीवी और न्यूज चैनलों की बढ़ती पैठ को प्रभावशाली तरीके से नहीं रोक पाने पर पाक मीडिया की आलोचना करते हुए कहा है कि ‘भारतीय प्रोपगेंडा’ का मुकाबला करने के लिए पाक सेना का एक टीवी चैनल और रेडियो स्टेशन होना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि पाक मीडिया में विश्वसनीयता की कमी है। इसी लिए संकट के समय या कोई महत्वपूर्ण घटना होने पर लोगों को ऑल इंडिया रेडियो, बीबीसी और भारतीय चैनलों को देखना पड़ता है। आसिफ ने भारत और पाक के बीच 1971 में हुए युद्ध का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय मीडिया का मुख्य उद्देश्य दुश्मन को मनोवैज्ञानिक तरीके से हराना और नैतिक रूप से उन्हें निहत्था करना था।
मालूम हो कि पाक सेना आंतरिक प्रकाशन के तहत हर दो साल पर ‘ग्रीन बुक’ प्रकाशित करती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई सेवारत वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भी अपने ‘रणनीति पत्रों’ में पाक में बड़े पैमाने पर भारतीय टीवी और प्रिंट प्रकाशन की उपलब्धता पर चिंता जताई है।
पत्र में कहा गया है कि भारतीय मीडिया की पैठ को कारगिल मामले के दौरान नहीं रोका जा सका था। रणनीति पत्र ‘ग्रीन बुक’ के ‘सब कन्वेंशनल वारफेयर’ नामक विशेष चैप्टर का हिस्सा हैं।
मेजर जनरल मोहम्मद आजम आसिफ ने भारतीय टीवी और न्यूज चैनलों की बढ़ती पैठ को प्रभावशाली तरीके से नहीं रोक पाने पर पाक मीडिया की आलोचना करते हुए कहा है कि ‘भारतीय प्रोपगेंडा’ का मुकाबला करने के लिए पाक सेना का एक टीवी चैनल और रेडियो स्टेशन होना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि पाक मीडिया में विश्वसनीयता की कमी है। इसी लिए संकट के समय या कोई महत्वपूर्ण घटना होने पर लोगों को ऑल इंडिया रेडियो, बीबीसी और भारतीय चैनलों को देखना पड़ता है। आसिफ ने भारत और पाक के बीच 1971 में हुए युद्ध का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय मीडिया का मुख्य उद्देश्य दुश्मन को मनोवैज्ञानिक तरीके से हराना और नैतिक रूप से उन्हें निहत्था करना था।
मालूम हो कि पाक सेना आंतरिक प्रकाशन के तहत हर दो साल पर ‘ग्रीन बुक’ प्रकाशित करती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई सेवारत वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भी अपने ‘रणनीति पत्रों’ में पाक में बड़े पैमाने पर भारतीय टीवी और प्रिंट प्रकाशन की उपलब्धता पर चिंता जताई है।
