दिल्ली में सरकार : आप की बैठक जारी, कुछ ही देर में होगा ऐलान
नई दिल्ली। दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर उबरे संकट का अब हल निकलने वाला है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने सरकार बनाने ...
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नई दिल्ली। दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर उबरे संकट का अब हल निकलने वाला है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने सरकार बनाने के संकेत दिये हैं। दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर जनता से ली गई राय के बाद अभी आप कि बैठक चल रही है और कुछ ही देर बाद अरविन्द केजरीवाल बैठक ख़त्म होने पर बाहर आकर पत्रकारों से रुबरु होंगे और सरकार बनाने या ना बनाने का ऐलान करेंगे और इसके बाद करीब साढ़े बारह बजे दिल्ली के उप राज्यपाल से भी मिलेंगे।
इस दौरान वह एलजी से कह सकते हैं कि वह सरकार बनाने के लिए तैयार हैं। वहीं दूसरी ओर केजरीवाल के लिए अन्ना हजारे ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेरी शुभकामनाएं अरविंद के साथ है। गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली सरकार बनाने को लेकर में जगह-जगह जनसभा के माध्यम से लोगों की राय ली गई, जिसमे 80 फीसदी लोगों ने कहा कि पार्टी को सरकार बनाना चाहिए।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि जनता चाहती है कि सरकार बने, तो हम क्यों पीछे हटें। इस बीच, पार्टी ने सरकार बनने के बाद पहले हफ्ते का एक्शन प्लान बनाना शुरू कर दिया है। इससे पहले अरविंद ने कहा कि उनकी सरकार बनी, तो कांग्रेस और भाजपा के भ्रष्ट नेताओं को जेल भेजेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धूर्त पार्टी है। फिर भी ‘आप’ की सरकार बनी, तो कांग्रेस छह महीने तक कुछ नहीं बिगाड़ पायेगी।
केजरीवाल ने पार्टी को सरकार बनाने के मुद्दे पर मिल रहे जनता के जवाब के बारे में एक सवाल पर कहा, ‘संभवत: रविवार रात या सोमवार सुबह तक इसका जवाब मिल जाएगा। अपने चुनावी घोषणा पत्र पर अमल करने में बारे में केजरीवाल ने कहा कि सभी वायदे पूरे करेंगे और जन लोकपाल बिल पास करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार गठन के प्रत्येक कदम पर जनता की राय ली जा रही है। देश के इतिहास में पहली बार जनता की राय से सरकार बनने जा रही है। दिल्ली ने देश को दिशा दी है। हमने साबित किया कि ईमानदारी से भी राजनीति हो सकती है।
केजरीवाल ने कहा कि राजनीति बहुत पवित्र कर्म है। राजनीति सरदार पटेल ने की थी, भीमराव आंबेडकर ने की। पहले कोई नेता बनता था, तो कहते थे कि देश की सेवा कर रहा है। आज कांग्रेस और भाजपावालों ने राजनीति को बदनाम कर दिया है, ये लोग राजनीति नहीं करते, दलाली करते हैं।
इस बीच, पूर्व आइपीएस अधिकारी एवं नागरिक अधिकार कार्यकर्ता किरण बेदी ने ट्वीट किया, ‘क्या ‘आप’ के एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई है? क्या वे बहुत अधिक जमीन से जुड़े हैं? या क्या वे जोखिम से बचना चाहते हैं। इसीलिए साझा जिम्मेदारी की जरूरत है? समय बतायेगगा।’
इस दौरान वह एलजी से कह सकते हैं कि वह सरकार बनाने के लिए तैयार हैं। वहीं दूसरी ओर केजरीवाल के लिए अन्ना हजारे ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेरी शुभकामनाएं अरविंद के साथ है। गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली सरकार बनाने को लेकर में जगह-जगह जनसभा के माध्यम से लोगों की राय ली गई, जिसमे 80 फीसदी लोगों ने कहा कि पार्टी को सरकार बनाना चाहिए।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि जनता चाहती है कि सरकार बने, तो हम क्यों पीछे हटें। इस बीच, पार्टी ने सरकार बनने के बाद पहले हफ्ते का एक्शन प्लान बनाना शुरू कर दिया है। इससे पहले अरविंद ने कहा कि उनकी सरकार बनी, तो कांग्रेस और भाजपा के भ्रष्ट नेताओं को जेल भेजेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धूर्त पार्टी है। फिर भी ‘आप’ की सरकार बनी, तो कांग्रेस छह महीने तक कुछ नहीं बिगाड़ पायेगी।
केजरीवाल ने पार्टी को सरकार बनाने के मुद्दे पर मिल रहे जनता के जवाब के बारे में एक सवाल पर कहा, ‘संभवत: रविवार रात या सोमवार सुबह तक इसका जवाब मिल जाएगा। अपने चुनावी घोषणा पत्र पर अमल करने में बारे में केजरीवाल ने कहा कि सभी वायदे पूरे करेंगे और जन लोकपाल बिल पास करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार गठन के प्रत्येक कदम पर जनता की राय ली जा रही है। देश के इतिहास में पहली बार जनता की राय से सरकार बनने जा रही है। दिल्ली ने देश को दिशा दी है। हमने साबित किया कि ईमानदारी से भी राजनीति हो सकती है।
केजरीवाल ने कहा कि राजनीति बहुत पवित्र कर्म है। राजनीति सरदार पटेल ने की थी, भीमराव आंबेडकर ने की। पहले कोई नेता बनता था, तो कहते थे कि देश की सेवा कर रहा है। आज कांग्रेस और भाजपावालों ने राजनीति को बदनाम कर दिया है, ये लोग राजनीति नहीं करते, दलाली करते हैं।
इस बीच, पूर्व आइपीएस अधिकारी एवं नागरिक अधिकार कार्यकर्ता किरण बेदी ने ट्वीट किया, ‘क्या ‘आप’ के एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई है? क्या वे बहुत अधिक जमीन से जुड़े हैं? या क्या वे जोखिम से बचना चाहते हैं। इसीलिए साझा जिम्मेदारी की जरूरत है? समय बतायेगगा।’
सिसोदिया होंगे सीएम!
चर्चा है कि केजरीवाल नहीं, मनीष सिसोदिया दिल्ली के सीएम हो सकते हैं। केजरीवाल ने संकेत दिया था कि यदि वह सीएम बन गये, तो दिल्ली में ही उलझकर रह जाएंगे और आम चुनाव के लिए देश में प्रभावी ढंग से अभियान नहीं चला सकेंगे। सो दिल्ली का ताज सिसोदिया को सौंपा जा सकता है।
