यूपी में सियासी घमासान, मोदी-मुलायम की रैली आज
लखनऊ। चुनावी मौसम के चलते उत्तर प्रदेश में आज का दिन राजनीतिक रूप से गहमा-गहमी भरा होगा। सूबे के बृज और रुहेलखंड क्षेत्रों में जहां सत्त...
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लखनऊ। चुनावी मौसम के चलते उत्तर प्रदेश में आज का दिन राजनीतिक रूप से गहमा-गहमी भरा होगा। सूबे के बृज और रुहेलखंड क्षेत्रों में जहां सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की चुनावी रैलियां होंगी।
वहीं राजधानी लखनऊ में कांग्रेस और राष्ट्रीय लोक दल राज्य सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी। दूसरी ओर ताजनगरी आगरा में गुरुवार को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली है। इस रैली पर सबकी निगाहें हैं।
खास बात यह है कि मोदी की इस रैली में मुजफ्फरनगर दंगों में आरोपी पार्टी के दो विधायकों सुरेश राणा और संगीत सोम को सम्मानित भी किया जाएगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह रैली मोदी की अब तक की सबसे बड़ी रैली होगी। यूपी फतह की तैयारी के तहत मोदी की कुल आठ रैलियां प्रदेश में होनी है।
इससे पहले झांसी, कानपुर और बहराइच में मोदी की रैली हो चुकी है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आयोजित मोदी की इस शंखनाद रैली की तुलना बरेली में एसपी की होने वाली रैली से होगी, जिसका देश बचाओ-देश बनाओ नाम दिया गया है। इस रैली को एसपी प्रमुख मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव संबोधित करेंगे।
एसपी के सामने बीजेपी से ज्यादा भीड़ जुटाने की चुनौती होगी। एसपी की इससे पहले आजमगढ़ और मैनपुरी में रैली हो चुकी है। इससे अलग जिस समय मोदी और मुलायम अपने-अपने मंचों से लोगों को संबोधित करेंगे। ठीक उसी समय उत्तर प्रदेश की कांग्रेस इकाई अखिलेश सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा कानून को सूबे में न लागू करने के विरोध में लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में जनसभा करेगी और बाद में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री के नेतृत्व में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में विधानभवन का घेराव भी करेंगे।
उधर, आरएलडी के प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान की अगुवाई में तमाम कार्यकर्ता गन्ना किसानों के मुद्दे पर अखिलेश सरकार के कथित ढीले रवैये के खिलाफ विधानसभा के सामने धरना स्थल पर प्रदर्शन करेंगे।
वहीं राजधानी लखनऊ में कांग्रेस और राष्ट्रीय लोक दल राज्य सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी। दूसरी ओर ताजनगरी आगरा में गुरुवार को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली है। इस रैली पर सबकी निगाहें हैं।
खास बात यह है कि मोदी की इस रैली में मुजफ्फरनगर दंगों में आरोपी पार्टी के दो विधायकों सुरेश राणा और संगीत सोम को सम्मानित भी किया जाएगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह रैली मोदी की अब तक की सबसे बड़ी रैली होगी। यूपी फतह की तैयारी के तहत मोदी की कुल आठ रैलियां प्रदेश में होनी है।
इससे पहले झांसी, कानपुर और बहराइच में मोदी की रैली हो चुकी है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आयोजित मोदी की इस शंखनाद रैली की तुलना बरेली में एसपी की होने वाली रैली से होगी, जिसका देश बचाओ-देश बनाओ नाम दिया गया है। इस रैली को एसपी प्रमुख मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव संबोधित करेंगे।
एसपी के सामने बीजेपी से ज्यादा भीड़ जुटाने की चुनौती होगी। एसपी की इससे पहले आजमगढ़ और मैनपुरी में रैली हो चुकी है। इससे अलग जिस समय मोदी और मुलायम अपने-अपने मंचों से लोगों को संबोधित करेंगे। ठीक उसी समय उत्तर प्रदेश की कांग्रेस इकाई अखिलेश सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा कानून को सूबे में न लागू करने के विरोध में लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में जनसभा करेगी और बाद में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री के नेतृत्व में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में विधानभवन का घेराव भी करेंगे।
उधर, आरएलडी के प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान की अगुवाई में तमाम कार्यकर्ता गन्ना किसानों के मुद्दे पर अखिलेश सरकार के कथित ढीले रवैये के खिलाफ विधानसभा के सामने धरना स्थल पर प्रदर्शन करेंगे।
