औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक अशांति होते होते बची

hoda union protest, Tapukara, hoda union Tapukara, Bhiwari
जयपुर। टपूकड़ा स्थित होंडा टू व्हीलर कंपनी में पिछ्ले चार महीनों से भी ज्यादा समय से चली आ रहे श्रमिकों के विरोध—प्रदर्शन के बीच शनिवार को हौंडा यूनियन प्रधान सुरेश गौड पर पुलिस केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। इस पर होंडा यूनियन ट्रेड यूनियन सदस्यों को मिली तो चारों ओर रोष फेल गया और यूनियन प्रतिनिधि सेक्टर 5 थाना पहुंचने लगे। बाद में श्रमिकों के प्रदर्शन के चलते उसे छोड़ दिया गया, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक अशांति होते होते बच गई। गौरतलब है कि कम्पनी द्वारा करीब 3,500 श्रमिकों को नौकरी से निकाले हुए पूरे चार महीने हो गए हैं औश्र श्रमिक इसके विरोध में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

श्रमिकों का कहना है कि, होंडा प्रबंधकों के इशारे पर होंडा यूनियन प्रधान सुरेश गौड पर झूठा पुलिस केस दर्ज किया गया था, जिसको लेकर ट्रेड यूनियन कोंशल एवं एटक प्रधान कामरेड बलदेव सिंह घनघस के साथ पुलिस कमिश्नर गुडगांव उपायुक्त महोदय से कई बार मिल चुके थे और झूठा पुलिस केस को रद्द करने की माग कर चुके थे। पुलिस प्रशासन ने इस पर ध्यान न देकर होंडा प्रबंधकों के इशारे पर होंडा यूनियन प्रधान सुरेश गौड को उनके घर से सुबह साढ़े 5 बजे गिरफ्तार कर लिया।

इसकी सूचना जब ट्रेड यूनियन सदस्यों को मिली तो चारों ओर रोष फेल गया और यूनियन प्रतिनिधि सेक्टर 5 थाना पहुंचने लगे। बावल से गुडगांव तक सारी यूनियन पहुंच गई। एटक के राष्ट्रीय सचिव डी एल सचदेव, राज्य प्रधान बलदेव सिंह घनघस भी थाना पहुंचे। ट्रेड यूनियन ने स्पष्ट फेसला कर लिया था कि अगर सुरेश गौड को नहीं छोड़ा गया तो सभी कम्पनियां दोपहर तक बंद की जाएगी और बंद करने की पूरी तैयारी हो गई थी। इसी बीच पुलिस ने हौंडा प्रधान को छोड़ दिया, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक अशांति होते की आशंकाएं खत्म हो गई।

hoda union protest, Tapukara, hoda union Tapukara, Bhiwari
इसके बाद यूनियन प्रतिनिधियों की मिटिग हुई और 18 जुलाई मारुती सुजुकी तथा 25 जुलाई हौंडा के प्रोग्राम की तैयारी की गई है। 18 जुलाई मिनी सचिवालय पर व हौंडा 25 जुलाई मानेसर में प्रोग्राम होगे। श्रमिकों का आरोप है कि ट्रेड यूनियन कोंशल बिलकुल शांति के पक्ष में है, लेकिन सरकार प्रबंधकों के इशारे पर कार्य कर रही हैै। ऐसे में मजबूर होकर ट्रेड यूनियन को विरोध के रूप में फैसला लेना पड़ता है।

मिटिग व थाना में प्रमुख रूप से अनिल पवार महासचिव एटक, कुलदीप झागु महासचिव मारुती कामगार यूनियन, संदीप गुर्जर महासचिव हौंडा यूनियन, राजवीर सिंह प्रधान रोडवेज यूनियन, अजय कुमार महासचिव एटक रेवाड़ी, सतीस खड खट, सत्यनारायन प्रधान हीरो यूनियन गुडगाँव, शिव कुमार प्रधान हीरो धारुहेरा, रामनिवास प्रधान हेमा यूनियन, नवराज दहल महासचिव नपिनो ऑटो भूपन दास प्रधान नपिनो ऑटो उद्योग विहार, रामनिवास खुशीराम मारुती मानेसर, राजकुमार प्रधान रिको यूनियन, सतीस गुर्जर प्रधान एमके यूनियन, धर्मराज यादव प्रधान मटरो आटर्म, सूरज पाण्डेय ऑटो डेकोर यूनियन प्रधान, अतुल प्रधान बेल्सोनिका यूनियन, सतपाल गिल सनबीम यूनियन, पवन कुमार बी ऍम एस जिला प्रधान गुडगाँव समेत सैकड़ो की तादाद में कई यूनियनों के प्रतिनिधि मोजूद थे।

इस लेख पर अपने विचार व्यक्त करें...

Related Posts

Rajasthan 7265854310090994982
item