'राज्य सरकार व होंडा मैनेजमेंट नहीं चाहते राज्य में औद्योगिक शांति'
https://khabarrn1.blogspot.com/2016/06/government-and-Honda-management-do-not-wish-to-industrial-peace.html
जयपुर। भिवाड़ी के नजदीक टपूकड़ा स्थित होंडा मोटरसाइकिल एण्ड स्कूटर इण्डिया लिमिटेड के प्लांट में पिछले कुछ महीनों से कम्पनी मैनेजमेंट एवं मजदूरों के बीच चल रही कश्मकश को लेकर अब तक कई बार हो चुकी वार्ताओं के बावजूद अभी भी इस मसले का कोई उचित हल निकलता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि पिछली वार्ता में हुए त्रिपक्षीय समझौते के बाद श्रमिकों को राहत की कुछ उम्मीद जरूर दिखाई दी थी, लेकिन हाल ही में जयपुर में रखी गई वार्ता के बाद श्रमिकों को अपने तीखे तेवर बरकरार रखने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
हाल ही आयोजित की गई वार्ता के बाद श्रमिकों को लगता है कि, मैनजमेंट नही चाहता कि मामला सुलटे और वो इसलिए हमसे बात नही करना चाहता, जबकि श्रमिक पक्ष यही चाह रहा है कि बातचीत के साथ शांतिपूर्ण तरीके से यह विवाद खत्म हो। परन्तु मैनजमेंट के इस अड़ियल रवैये से लगता है कि राज्य सरकार और कंपनी मैनजमेंट खुद नहीं चाहते कि राज्य में ओद्यौगिक शन्ति बनी रहे और वो खुद आंदोलन को बढ़ावा दे रहे हैं।
होंडा 2f कामगार समुह, टपुकड़ा के अध्यक्ष नरेश मेहता ने बताया कि, 'इस तरह दूसरी ही मीटिंग में जिस प्रकार से उन्होंने अपना रुख बदला है, इससे श्रमिक पक्ष का मैनेजमेंट से विश्वास उठ गया है और इसी कारण से हमने आज से आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में अब होंडा आंदोलन की सारी जिम्मेदारी खुद राज्य सरकार एवं होंडा मैनजमेंट की रहेगी।'
श्रमिकों का आरोप है कि कम्पनी में श्रमिकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है और ठेकेदारी प्रथा चला रखी है। मजदूरों के हितों का शोषण किया जा रहा है, जिसके चलते इसके विरोध में आवाज उठाने के लिए हमने यूनियन का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पिछले करीब छह महीने पहले अप्लाई किया था, लेकिन अभी तक भी हमारी यूनियन का रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है।
हाल ही आयोजित की गई वार्ता के बाद श्रमिकों को लगता है कि, मैनजमेंट नही चाहता कि मामला सुलटे और वो इसलिए हमसे बात नही करना चाहता, जबकि श्रमिक पक्ष यही चाह रहा है कि बातचीत के साथ शांतिपूर्ण तरीके से यह विवाद खत्म हो। परन्तु मैनजमेंट के इस अड़ियल रवैये से लगता है कि राज्य सरकार और कंपनी मैनजमेंट खुद नहीं चाहते कि राज्य में ओद्यौगिक शन्ति बनी रहे और वो खुद आंदोलन को बढ़ावा दे रहे हैं।
होंडा 2f कामगार समुह, टपुकड़ा के अध्यक्ष नरेश मेहता ने बताया कि, 'इस तरह दूसरी ही मीटिंग में जिस प्रकार से उन्होंने अपना रुख बदला है, इससे श्रमिक पक्ष का मैनेजमेंट से विश्वास उठ गया है और इसी कारण से हमने आज से आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में अब होंडा आंदोलन की सारी जिम्मेदारी खुद राज्य सरकार एवं होंडा मैनजमेंट की रहेगी।'
श्रमिकों का आरोप है कि कम्पनी में श्रमिकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है और ठेकेदारी प्रथा चला रखी है। मजदूरों के हितों का शोषण किया जा रहा है, जिसके चलते इसके विरोध में आवाज उठाने के लिए हमने यूनियन का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पिछले करीब छह महीने पहले अप्लाई किया था, लेकिन अभी तक भी हमारी यूनियन का रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है।
