गांव, गरीब और किसानों पर केंद्रित होगा राजस्थान बजट 2016-17

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जयपुर। केन्दीय बजट के बाद राजस्थान का राज्य बजट 2016-17 प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज विधानसभा में पेश करेगी। मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए जाने वाला राजस्थान बजट 2016-17 इस बार महज लोक-लुभावन नहीं होगा, अपितु गांव, गरीब और किसानों पर केंद्रित होगा। साथ ही राज्य की कमजोर वित्तीय स्थिति से उबरने एवं राज्य सरकार के राजस्व में इजाफा किए जाने के लिए सेष एवं अन्य प्रकार के करों में बढ़ोतरी की जा सकती है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा आज विधानसभा में पेश किए जाने वाले राजस्थान बजट 2016-17 में प्रदेश के गांवों में रहने वाले गरीबों व किसानों की कमजोर स्थिति में सुधार लाने के लिए कई प्रकार की योजनाओं समेत मुलभूत सुविधाएं मुहैया कराए जाने की घोषणा की जा सकती है। साथ ही प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बेहतर बनाए जाने के लिए सड़क, बिजली एवं पानी को लेकर कई घोषणाएं की जा सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका आवास' के सपने को साकार बनाने के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद गरीब परिवारों को घर की सुविधा मुहैया कराने के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत कई आवासीय योजनाओं की घोषणा राज बजट में की जाने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त कमजोर वित्तीय स्थिति से गुजर रही राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी करने के लिए कई प्रकार के टैक्सों में इजाफा किया जा सकता है।

इसी दिशा में प्रदेश में निवेश का बेहतर माहौल बनाकर बाहरी निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत कई प्रकार की योजनाओं की घोषणा की जा सकती है। साथ ही निवेशकों को राज्य में बेहतर सुविधाएं मुहैया करे जाने की घोषणाएं भी की जा सकती है।

पिछले बजट में रिंग रोड के पूरा होने की अवधि घोषित की गई थी लेकिन इस समयावधि में यह काम होना मुश्किल है ऐसे में सरकार रिंग रोड के पूरा होने की नई तिथि घोषित कर सकती है। इसके अलावा कुछ नए अंडरब्रिज व ओवरब्रिज की भी घोषणा होने की संभावना है। केंद्र व राज्य सरकार ने सबको आवास देने की घोषणा की थी। बजट में गरीबों के आवासों के नए लक्ष्य और इन मकानों का निर्माण करने वाले बिल्डरों को अतिरिक्त छूट का भी प्रावधान किया जा सकता है। साथ ही अफोर्डेबल हाउस के नियमों में भी संशोधन किया जा सकता है।

बजट से यूडीएच को भी इस बार कई बड़ी घोषणाओं की आशा है। स्मार्ट सिटी में चयनित हो चुके जयपुर शहर को इस बजट में अतिरिक्त पैसा मिलने के साथ ही अमृत मिशन में शामिल 29 शहरों को भी विकास के लिए बजट में अतिरिक्त प्रावधानों का इंतजार है।संभावना जताई जा रही है कि इस बार बजट में पट्टों को लेकर नया प्रावधान किया जा सकता है। इस प्रावधान के तहत पट्टों पर पुरुषों के साथ महिलाओंका नाम भी अनिवार्य किया जा सकता है। ताकि महिलाओं को भी परिवार में तवज्जो मिल सके। इसी तरह लीज जमा कराने की छूट अवधि को भी बढ़ाया जा सकता है। अभी यह अवधि 31 मार्च है। पिछले बजट में भी इस अवधि को बढ़ाकर मई किया गया था।

प्रदेश में जलदाय विभाग से जुड़े करीब 35 बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि किसी नए बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा नहीं होगा। लेकिन पुराने प्रोजेक्टों के पैसा दिया जा सकता है। भूजल को बचाने की दिशा में नई घोषणा हो सकती है। बीसलपुर से जयपुर तक दूसरे पेयजल लाइन डालने के लिए जलदाय विभाग डीपीआर तैयार कर रहा है।

इस योजना में 2115 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा। वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और जायका करीब 1400 करोड़ रुपए देगा। 550 करोड़ राज्य सरकार खर्च करेगी और बाकी पैसा केन्द्र से मिलने की उम्मीद है। दूसरे चरण में जयपुर को 800  एमएलडी पानी दिया जा सकेगा, ताकि शहर के सभी 91 वार्डों में बीसलपुर का पानी दिया जा सके। दूसरा चरण जयपुर में 2051 की आबादी को देखते हुए तैयार किया जा रहा है।

राजस्थान में नदियों को जोडऩे की योजना पर करीब डेढ़ साल से काम चल रहा है, लेकिन आम बजट में इस काम के लिए केन्द्र ने मदद नहीं की। राज्य बजट में नदियों को जोडऩे के सर्वे के लिए 68 करोड़ रुपए स्वीकृत किए जा सकते हैं। प्रदेश में कालीसिंध, पार्वती बांध, ब्राह्मणी नदी, मेज नदी, चंबल नदी, अनास नदी, माही बजाज, जवाई बांध और पार्वदी नदी को जोडऩे की योजना पर काम चल रहा है। 14  नदियों को जोडऩे पर करीब साढ़े सात सौ करोड़ के खर्चे का अनुमान लगाया गया है।

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