राजस्थान बजट 2016-17 : महिला दिवस एवं अपने जन्मदिन पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दी कई सौगातें
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जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा राज्य बजट 2016-2017 पेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री वसुंधरा ने सदन में बजट भाषण शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार का यह तीसरा बजट है, जो पिछले वर्ष के बजट से करीब 30 हजार करोड़ रुपए अधिक होने का अनुमान है। गौरतलब है कि वसुंधरा सरकार ने पिछली बार 1.37 लाख हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया था।
पिछली बार राजस्थान के विकास के लिए अनेकों घोषणाएं की गई, लेकिन इनमें 80 फीसदी आज तक पूरी नहीं हो सकी। प्रदेश के अनुमानित 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपए के बजट का आधे से अधिक करीब 65 फीसदी तो सरकारी कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं पर ही खर्च हो जाएगा। ऐसे में महज 35 फीसदी विकास योजनाओं के लिए बचेगा।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपना बजट भाषण पेश करते हुए "मुश्किलों से भाग जाना तो आसान होता है, लड़ने वालों के क़दमों में जहान होता है।" इन पंक्तियों के साथ अपना बजट भाषण शुरू करते हुए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि, "राजस्थान में विदेशी निवेशकों की रुचि बढ़ी है, जिसके चलते विदेशी कंपनियों ने प्रदेश में निवेश किया है। उन्होंने कलह कि यह बजट राज्य के 7 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का बजट है एवं हमारी सरकार सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्व है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा-हमने आमजन की भावनाओं को समझते हुए बजट बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा की हमने 295 MOU किए गए हैं। गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए काम तेज गति से 182 करोड़ 35 लाख स्वीकृत किए गए। भामाशाह योजना की शुरूआत, न्याय आपके द्वार कार्यक्रम के जरिए मुकदमों का निस्तारण। राजस्थान के बजट में में सड़क निर्माण पर फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने सामाजिक सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रवधान किए ,हमने बजट आम लोगों के लिए बनाया है।
मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि हमने अनूठी योजनाओं को सफलापूर्वक चलाया है। उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार का नहीं जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप है। गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए काम तेज गति से 182 करोड़ 35 लाख स्वीकृत किए गए हैं। राज्य सरकार की कमजोर वित्तीय स्थिति के लिए पिछली सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि गत सरकार के गलत निर्णयों से वित्तीय कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सुराज संकल्प में किए गए वादों को किया पूरा करने का काम किया है। साथ ही शिकायतों के निस्तारण के लिए सुनियोजित काम किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर मिली 7 लाख से अधिक शिकयतों में से 89 प्रतिशत का समाधान किया गया है। इससे राजस्थान संपर्क पोर्टल से जनता को उनकी समस्याओं के काफी राहत मिली है।
पिछली बार राजस्थान के विकास के लिए अनेकों घोषणाएं की गई, लेकिन इनमें 80 फीसदी आज तक पूरी नहीं हो सकी। प्रदेश के अनुमानित 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपए के बजट का आधे से अधिक करीब 65 फीसदी तो सरकारी कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं पर ही खर्च हो जाएगा। ऐसे में महज 35 फीसदी विकास योजनाओं के लिए बचेगा।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपना बजट भाषण पेश करते हुए "मुश्किलों से भाग जाना तो आसान होता है, लड़ने वालों के क़दमों में जहान होता है।" इन पंक्तियों के साथ अपना बजट भाषण शुरू करते हुए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि, "राजस्थान में विदेशी निवेशकों की रुचि बढ़ी है, जिसके चलते विदेशी कंपनियों ने प्रदेश में निवेश किया है। उन्होंने कलह कि यह बजट राज्य के 7 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का बजट है एवं हमारी सरकार सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्व है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा-हमने आमजन की भावनाओं को समझते हुए बजट बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा की हमने 295 MOU किए गए हैं। गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए काम तेज गति से 182 करोड़ 35 लाख स्वीकृत किए गए। भामाशाह योजना की शुरूआत, न्याय आपके द्वार कार्यक्रम के जरिए मुकदमों का निस्तारण। राजस्थान के बजट में में सड़क निर्माण पर फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने सामाजिक सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रवधान किए ,हमने बजट आम लोगों के लिए बनाया है।
मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि हमने अनूठी योजनाओं को सफलापूर्वक चलाया है। उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार का नहीं जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप है। गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए काम तेज गति से 182 करोड़ 35 लाख स्वीकृत किए गए हैं। राज्य सरकार की कमजोर वित्तीय स्थिति के लिए पिछली सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि गत सरकार के गलत निर्णयों से वित्तीय कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सुराज संकल्प में किए गए वादों को किया पूरा करने का काम किया है। साथ ही शिकायतों के निस्तारण के लिए सुनियोजित काम किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर मिली 7 लाख से अधिक शिकयतों में से 89 प्रतिशत का समाधान किया गया है। इससे राजस्थान संपर्क पोर्टल से जनता को उनकी समस्याओं के काफी राहत मिली है।