मानवता के दुश्मन ने पठानकोट में हमला किया : नरेंद्र मोदी
https://khabarrn1.blogspot.com/2016/01/enemy-of-humanity-has-attacked-in-pathankot-says-narendra-modi.html
नई दिल्ली। शनिवार को पठानकोट में हुए आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जिस प्रकार से युद्ध के दौरान दुश्मन देश सैनिक ठिकानों पर हमला करते हैं, उसी प्रकार से मानवता के दुश्मन ने पठानकोट में हमला किया। वहीं पीएम मोदी ने सुरक्षाबलों की कामयाबी की तारीफ करते हुए शहीदों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
पंजाब के पठानकोट में शुक्रवार-शनिवार रात में शुरू हुई मुठभेड़ शनिवार शाम 6.30 बजे ख़त्म हो गई। सुरक्षाबलों ने एयरफोर्स स्टेशन में मौजूद सभी पांच आतंकियों को मार गिराया और देर शाम तक कॉम्बिंग चलती रही। जब सुरक्षाबल पूरी तरह आश्वस्त हो गए, तब इस ऑपरेशन को समाप्त किया गया। सूत्रों के मुताबिक एनएसए अजीत डोवाल ने राजनाथ सिंह को जानकारी देते हुए कहा है कि सभी आतंकियो को मार गिराया गया है।
पठानकोट हमले को लेकर की गई कार्रवाई में एक एयरफोर्स कमांडो और दो जवान भी शहीद हो गए हैं। इस हमले को लेकर आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान में रहने वाले मौलाना अशफाक, हाफिज अब्दुल गफूर और कासिम जान हमले के मास्टरमाइंड हो सकते हैं। गौरतलब है कि ये तीनों पाकिस्तान में अल रहमान ट्रस्ट चलाते हैं। अल रहमान ट्रस्ट आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से फ्रंटल ऑर्गनाइज़ेशन है। जैश-ए-मोहम्मद के लिए आतंकियों को ट्रेनिंग देने के साथ-साथ फंड इकट्टा करने का काम भी करता है।
जैश-ए-मोहम्मद का मुखिया आतंकी मौलाना मसूद अजहर है। सूत्रों के मुताबिक ये भी खबर आ रही है कि पठानकोट के हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर का छोटा भाई रऊफ हो सकता है। मसूद अजहर ही वो आतंकी है, जिसे छुड़ाने के लिए कंधार हाईजैक की साजिश रची गई थी।
पठानकोट हमले के मामले में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस घटना की कठोर निंदा करते हुए सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि, 'इस घटना में देश के सम्मान के लिए बहादुरी से लड़कर अपना जीवन देने वाले जवानों के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। आतंकियों से मुकाबला करने वाले जवानों के पराक्रम और बहादुरी की मैं सराहना करता हूं।' साथ ही राष्ट्रपति ने ट्वीट में सुरक्षा बलों पर भरोसा जताते हुए कहा, 'सुरक्षा बल देश की शांति और सुरक्षा पर आघात पहुंचाने वाले सभी तत्वों के प्रति आगे भी इसी तरह सतर्क रहेंगे।'
पंजाब के पठानकोट में शुक्रवार-शनिवार रात में शुरू हुई मुठभेड़ शनिवार शाम 6.30 बजे ख़त्म हो गई। सुरक्षाबलों ने एयरफोर्स स्टेशन में मौजूद सभी पांच आतंकियों को मार गिराया और देर शाम तक कॉम्बिंग चलती रही। जब सुरक्षाबल पूरी तरह आश्वस्त हो गए, तब इस ऑपरेशन को समाप्त किया गया। सूत्रों के मुताबिक एनएसए अजीत डोवाल ने राजनाथ सिंह को जानकारी देते हुए कहा है कि सभी आतंकियो को मार गिराया गया है।
पठानकोट हमले को लेकर की गई कार्रवाई में एक एयरफोर्स कमांडो और दो जवान भी शहीद हो गए हैं। इस हमले को लेकर आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान में रहने वाले मौलाना अशफाक, हाफिज अब्दुल गफूर और कासिम जान हमले के मास्टरमाइंड हो सकते हैं। गौरतलब है कि ये तीनों पाकिस्तान में अल रहमान ट्रस्ट चलाते हैं। अल रहमान ट्रस्ट आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से फ्रंटल ऑर्गनाइज़ेशन है। जैश-ए-मोहम्मद के लिए आतंकियों को ट्रेनिंग देने के साथ-साथ फंड इकट्टा करने का काम भी करता है।
जैश-ए-मोहम्मद का मुखिया आतंकी मौलाना मसूद अजहर है। सूत्रों के मुताबिक ये भी खबर आ रही है कि पठानकोट के हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर का छोटा भाई रऊफ हो सकता है। मसूद अजहर ही वो आतंकी है, जिसे छुड़ाने के लिए कंधार हाईजैक की साजिश रची गई थी।
पठानकोट हमले के मामले में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस घटना की कठोर निंदा करते हुए सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि, 'इस घटना में देश के सम्मान के लिए बहादुरी से लड़कर अपना जीवन देने वाले जवानों के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। आतंकियों से मुकाबला करने वाले जवानों के पराक्रम और बहादुरी की मैं सराहना करता हूं।' साथ ही राष्ट्रपति ने ट्वीट में सुरक्षा बलों पर भरोसा जताते हुए कहा, 'सुरक्षा बल देश की शांति और सुरक्षा पर आघात पहुंचाने वाले सभी तत्वों के प्रति आगे भी इसी तरह सतर्क रहेंगे।'
