पठानकोट हमले में शहीद हुए कॉमनवेल्थ खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले फतेह सिंह
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नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले पूर्व अंतरराष्ट्रीय राइफल निशानेबाज सूबेदार मेजर (रिटायर्ड) फतेह सिंह शनिवार को पठानकोट में हुए आतंकी हमले में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए। फतेह सिंह ने 1995 में पहली राष्ट्रमंडल निशानेबाजी चैंपियनशिप में भारत के लिए एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था।
फतेह सिंह 51 साल के थे और डिफेंस सिक्टोरिटी कोर का हिस्सा थे। वह फिलहाल डोगरा रेजिमेंट के साथ थे। भारत में निशानेबाजी की संचालन संस्था भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय निशोनबाज फतेह सिंह के निधन पर शोक जताया है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण त्याग दिए।
एनआरएआई ने विज्ञप्ति में कहा, 'पठानकोट के एयरबेस में हुए आतंकी हमले के दौरान मातृभूमि के लिए लड़ते हुए सूबेदार फतेह सिंह ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। सूबेदार फतेह सिंह बिग बोर के दिग्गज निशानेबाज थे। उन्होंने 1995 में नई दिल्ली में पहली राष्ट्रमंडल निशानेबाजी चैंपियनशिप के दौरान स्वर्ण और रजत पदक जीता था।
फतेह सिंह 51 साल के थे और डिफेंस सिक्टोरिटी कोर का हिस्सा थे। वह फिलहाल डोगरा रेजिमेंट के साथ थे। भारत में निशानेबाजी की संचालन संस्था भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय निशोनबाज फतेह सिंह के निधन पर शोक जताया है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण त्याग दिए।
एनआरएआई ने विज्ञप्ति में कहा, 'पठानकोट के एयरबेस में हुए आतंकी हमले के दौरान मातृभूमि के लिए लड़ते हुए सूबेदार फतेह सिंह ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। सूबेदार फतेह सिंह बिग बोर के दिग्गज निशानेबाज थे। उन्होंने 1995 में नई दिल्ली में पहली राष्ट्रमंडल निशानेबाजी चैंपियनशिप के दौरान स्वर्ण और रजत पदक जीता था।
