टीम इंडिया ने 22 साल बाद की लंका फतह
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/09/team-india-beats-sri-lanka-after-22-year.html
कोलंबो। टीम इंडिया ने 22 साल के बाद आज जाकर लंका फतह की है और श्रीलंका को अपने ही किले में ढेर किया है। रविचंद्रन अश्विन की करिश्माई गेंदबाजी (दूसरी पारी में 4 विकेट) की बदौलत एक बार फिर टीम इंडिया ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के आखिरी और निर्णायक मुकाबले में श्रीलंकाई टीम को दूसरी पारी में 268 रनों पर समेट कर 117 रनों से शिकस्त दी। इसी के साथ टीम इंडिया ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम कर 22 साल बाद श्रीलंकाई सरजमीं पर कोई सीरीज जीती।
टीम इंडिया ने आखिरी बार 1993 में श्रीलंकाई जमीन पर सीरीज जीत हासिल की थी, लेकिन तब से श्रीलंका में सीरीज जीतने का परचम नहीं लहरा पाया था। लेकिन कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया ने यह कर दिखाया। कप्तान के तौर पर कोहली ने पहली टेस्ट सीरीज जीती है।
टीम इंडिया ने रविचंद्रन अश्विन (58) और रोहित शर्मा (50) के दूसरी पारी में बनाए गए शानदार अर्धशतकों की बदौलत 274 रन बनाए और भारतीय टीम ने पहली पारी के 111 रनों की बढ़त के आधार पर श्रीलंकाई टीम को जीत के लिए 386 रनों का लक्ष्य दिया।
वहीं 386 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम के शीर्ष बल्लेबाजों को जल्द पवेलियन भेजकर मेजबान टीम में खलबली मचा दी थी। लेकिन मैच के पांचवें और आखिरी दिन छठे विकेट के लिए कुशल परेरा (70) और एंजेलो मैथ्यूज (110) के बीच 135 रनों की साझेदारी ने टीम इंडिया को मुश्किल में डाल दिया था।
बढ़ती साझेदारी के बीच कप्तान विराट कोहली ने स्पिनरों से गेंदबाजी जारी रखी। अश्विन ने कोहली के इस फैसले को सार्थक भी किया। उन्होंने कुशल परेरा को 70 के निजी स्कोर पर चलता कर बढ़ती साझेदारी को तोड़ा और भारतीय टीम के जीत की उम्मीद को बनाए रखा।
कुशल परेरा के आउट होने के बाद कप्तान एंजेलो मैथ्यूज भी ज्यादा देर तक टिक नहीं सके और 110 रनों के निजी स्कोर पर चलते बने। मैथ्यूज के आउट होने के बाद एक बार फिर भारतीय गेंदबाज श्रीलंकाई टीम पर हावी हो गए। भारतीय गेंदबाजों निचले क्रम के बाकी के तीन बल्लेबाजों को जल्द चलता कर श्रीलंका टीम की दूसरी पारी को 268 रनों पर रोक दिया और भारत ने यह मुकाबला 117 रनों से जीत लिया है।
श्रीलंकाई टीम की ओर से दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा ने 0, कौशल सिल्वा ने 27, दिमुथ करुणारत्ने ने 0, दिनेश चांडीमल ने 18, लाहिरु थिरिमाने ने 12, रंगना हेराथ ने 11, धम्मिका प्रसाद ने 6 रन जबकि नुवान प्रदीप खाता भी नहीं खोल सके।
टीम इंडिया ने आखिरी बार 1993 में श्रीलंकाई जमीन पर सीरीज जीत हासिल की थी, लेकिन तब से श्रीलंका में सीरीज जीतने का परचम नहीं लहरा पाया था। लेकिन कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया ने यह कर दिखाया। कप्तान के तौर पर कोहली ने पहली टेस्ट सीरीज जीती है।
टीम इंडिया ने रविचंद्रन अश्विन (58) और रोहित शर्मा (50) के दूसरी पारी में बनाए गए शानदार अर्धशतकों की बदौलत 274 रन बनाए और भारतीय टीम ने पहली पारी के 111 रनों की बढ़त के आधार पर श्रीलंकाई टीम को जीत के लिए 386 रनों का लक्ष्य दिया।
वहीं 386 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम के शीर्ष बल्लेबाजों को जल्द पवेलियन भेजकर मेजबान टीम में खलबली मचा दी थी। लेकिन मैच के पांचवें और आखिरी दिन छठे विकेट के लिए कुशल परेरा (70) और एंजेलो मैथ्यूज (110) के बीच 135 रनों की साझेदारी ने टीम इंडिया को मुश्किल में डाल दिया था।
बढ़ती साझेदारी के बीच कप्तान विराट कोहली ने स्पिनरों से गेंदबाजी जारी रखी। अश्विन ने कोहली के इस फैसले को सार्थक भी किया। उन्होंने कुशल परेरा को 70 के निजी स्कोर पर चलता कर बढ़ती साझेदारी को तोड़ा और भारतीय टीम के जीत की उम्मीद को बनाए रखा।
कुशल परेरा के आउट होने के बाद कप्तान एंजेलो मैथ्यूज भी ज्यादा देर तक टिक नहीं सके और 110 रनों के निजी स्कोर पर चलते बने। मैथ्यूज के आउट होने के बाद एक बार फिर भारतीय गेंदबाज श्रीलंकाई टीम पर हावी हो गए। भारतीय गेंदबाजों निचले क्रम के बाकी के तीन बल्लेबाजों को जल्द चलता कर श्रीलंका टीम की दूसरी पारी को 268 रनों पर रोक दिया और भारत ने यह मुकाबला 117 रनों से जीत लिया है।
श्रीलंकाई टीम की ओर से दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा ने 0, कौशल सिल्वा ने 27, दिमुथ करुणारत्ने ने 0, दिनेश चांडीमल ने 18, लाहिरु थिरिमाने ने 12, रंगना हेराथ ने 11, धम्मिका प्रसाद ने 6 रन जबकि नुवान प्रदीप खाता भी नहीं खोल सके।