निर्भया मामले के गुनाहगारों को 10 साल की अतिरिक्त सजा
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/09/additional-punishment-of-ten-years-for-offenders-of-nirbhaya-case.html
नई दिल्ली। देश की राजशानी दिल्ली में 16 दिसंबर को हुए निर्भया कांड में मौत की सजा पाने वाले चारों मुजरिमों को दिल्ली की निचली अदालत ने डकैती के एक अलग मामले में दोषी ठहराते हुए दस-दस साल की अतिरिक्त सजा सुनाई है।
अपराधियों ने गैंगरेप से पहले एक बढ़ई के साथ मारपीट और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया था। पटियाला हाउस अदालत में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रीतेश सिंह ने अक्षय कुमार सिंह, मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा को भारतीय दंड संहिता की धारा 395 और 365 के तहत इस मामले में दोषी ठहराया था। फैसला सुनाए जाने के दौरान चारों मुजरिम अदालत में मौजूद थे।
बुधवार को कोर्ट ने चारों को 10-10 साल की सजा सुनाई और चार धाराओं के तहत सभी पर 25-25 और 412 के तहत 1-1 हजार का जुर्माना लगाया। यानी हर दोषी को 1 लाख 1 हजार का जुर्माना अदा करना होगा। अगर जुर्माना नहीं दिया तो एक-एक साल की सजा और काटनी होगी।
गौरतलब है कि छह लोगों ने 16 दिसंबर, 2012 को एक चलती बस में 23 साल की एक लड़की से गैंगरेप किया था, जिसकी 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के अस्पताल में मौत हो गई थी। इससे पहले उन्होंने लूटपाट की वारदात को भी अंजाम दिया था। उन्होंने एक बढ़ई के साथ मारपीट और लूटपाट की थी।
निर्भया मामले में मुकेश, विनय, पवन और अक्षय को निचली अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी, इस पर बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुहर लगाई थी। इन मुजरिमों की अपील फिलहाल उच्चतम न्यायालय में लंबित है।
अपराधियों ने गैंगरेप से पहले एक बढ़ई के साथ मारपीट और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया था। पटियाला हाउस अदालत में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रीतेश सिंह ने अक्षय कुमार सिंह, मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा को भारतीय दंड संहिता की धारा 395 और 365 के तहत इस मामले में दोषी ठहराया था। फैसला सुनाए जाने के दौरान चारों मुजरिम अदालत में मौजूद थे।
बुधवार को कोर्ट ने चारों को 10-10 साल की सजा सुनाई और चार धाराओं के तहत सभी पर 25-25 और 412 के तहत 1-1 हजार का जुर्माना लगाया। यानी हर दोषी को 1 लाख 1 हजार का जुर्माना अदा करना होगा। अगर जुर्माना नहीं दिया तो एक-एक साल की सजा और काटनी होगी।
गौरतलब है कि छह लोगों ने 16 दिसंबर, 2012 को एक चलती बस में 23 साल की एक लड़की से गैंगरेप किया था, जिसकी 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के अस्पताल में मौत हो गई थी। इससे पहले उन्होंने लूटपाट की वारदात को भी अंजाम दिया था। उन्होंने एक बढ़ई के साथ मारपीट और लूटपाट की थी।
निर्भया मामले में मुकेश, विनय, पवन और अक्षय को निचली अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी, इस पर बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुहर लगाई थी। इन मुजरिमों की अपील फिलहाल उच्चतम न्यायालय में लंबित है।
