अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद शरू
अजमेर। राजस्थान के हृदय स्थल अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद अब शुरू हो चुकी है। गत कई माह से स्मार्ट सिटी के लिए वातावरण निर्माण का...
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अजमेर। राजस्थान के हृदय स्थल अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद अब शुरू हो चुकी है। गत कई माह से स्मार्ट सिटी के लिए वातावरण निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। जिला कलक्टर डाॅ. आरूषि मलिक एवं अजमेर के नवनिर्वाचित महापौर धर्मेन्द्र गहलोत ने आज दिल्ली में आयोजित बैठक में भाग लेकर अजमेर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के संबंध में चर्चा की।
शहरी विकास मंत्राी श्री वैकट्या नायडू ने अजमेर के महापौर धर्मेन्द्र गहलोत से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए जो आपका शहर चाहता है वही गाइड लाईन होगी।
महापौर गहलोत ने बताया कि शहरी विकास मंत्राी ने कहा कि शहर के एक दो ऐसे आदर्श स्थानों का चयन प्रथम चरण में करना चाहिए जिसका क्षेत्रा 500 एकड से अधिक हों। ऐसे क्षेत्रा की आबादी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए वहां की पानी,सड़क, सफाई, यातायात व्यवस्था को सबसे पहले सुचारू बनाना होगा। पर्यावरण की दृष्टि से यह आबादी पूरी तरह से संतुलित हो। सुरक्षा की दृष्टि से इस क्षेत्रा में सी.सी. टी.वी लगे होेने चाहिए। उन्होंने सुरक्षा, स्वास्थ्य व शिक्षा को मूल आधार बताया।
अजमेर की जिला कलक्टर डाॅ. आरूषि मलिक ने भी राजस्थान के स्वायत शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव डाॅ. मनजीत सिंह के साथ इस बैठक में भाग लिया जिसमें देश के स्मार्ट सिटी के रूप में चयनीत 98 शहर के महापौर और संबंधित जिलों के जिला कलक्टर मौजूद थे।
बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान देने को कहा गया कि स्मार्ट सिटी का स्वरूप आगामी 20 वर्षो को देखते हुए शहर के नेचर, कल्चर व फ्यूचर की दृष्टि से तैयार करना होगा।
शहरी विकास मंत्राी श्री वैकट्या नायडू ने अजमेर के महापौर धर्मेन्द्र गहलोत से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए जो आपका शहर चाहता है वही गाइड लाईन होगी।
महापौर गहलोत ने बताया कि शहरी विकास मंत्राी ने कहा कि शहर के एक दो ऐसे आदर्श स्थानों का चयन प्रथम चरण में करना चाहिए जिसका क्षेत्रा 500 एकड से अधिक हों। ऐसे क्षेत्रा की आबादी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए वहां की पानी,सड़क, सफाई, यातायात व्यवस्था को सबसे पहले सुचारू बनाना होगा। पर्यावरण की दृष्टि से यह आबादी पूरी तरह से संतुलित हो। सुरक्षा की दृष्टि से इस क्षेत्रा में सी.सी. टी.वी लगे होेने चाहिए। उन्होंने सुरक्षा, स्वास्थ्य व शिक्षा को मूल आधार बताया।
अजमेर की जिला कलक्टर डाॅ. आरूषि मलिक ने भी राजस्थान के स्वायत शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव डाॅ. मनजीत सिंह के साथ इस बैठक में भाग लिया जिसमें देश के स्मार्ट सिटी के रूप में चयनीत 98 शहर के महापौर और संबंधित जिलों के जिला कलक्टर मौजूद थे।
बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान देने को कहा गया कि स्मार्ट सिटी का स्वरूप आगामी 20 वर्षो को देखते हुए शहर के नेचर, कल्चर व फ्यूचर की दृष्टि से तैयार करना होगा।