आत्महत्या नहीं साधना है संथारा
https://khabarrn1.blogspot.com/2015/08/santhara-is-not-suicide.html
जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय के संथारा को आत्महत्या के बराबर मानने के फैसले के बाद जैन समाज के लोगों में संथारा या संल्लेखना के प्रति जागरुक करने के लिए आज प्रदेश के सभी जिलों में मौन जुलूस निकाले गए।
प्रदेश भर में श्वेताम्बर और दिगंबर जैन समाज के लाखों लोगों ने आज अपने-अपने जिलों, तहसीलों में मौन जुलूस निकाल कर समाज की एकता प्रदर्शित की और संथारा को आत्महत्या मानने के प्रति आपत्ति दर्ज करवाई।
जयपुर में मौन जुलूस न्यूगेट स्थित रामलीला मैदान से शुरू हुआ। हजारों की संख्या में जैन श्रद्धालुओं ने हाथ पर काली पट्टी बांध रखी थी। पुरुष श्रद्धालुओं ने संथारा आत्महत्या नहीं के होर्डिंग, तख्तियां थाम रखी थी। मौन जुलूस जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, एमआई रोड, सी- स्कीम होते हुए महावीर मार्ग स्थित महावीर दिगंबर जैन स्कूल पहुंची।
यहां धर्म सभा का आयोजन हुआ। धर्म सभा को जयपुर में चातुर्मास कर रहे विभिन्न दिग बर और श्वेताम्बर जैन मुनियों और आर्यिका माताओं ने संबोधित किया। मौन जुलूस में विभिन्न धर्मोे और संगठनों के लोग भी शामिल हुए।
प्रदेश भर में श्वेताम्बर और दिगंबर जैन समाज के लाखों लोगों ने आज अपने-अपने जिलों, तहसीलों में मौन जुलूस निकाल कर समाज की एकता प्रदर्शित की और संथारा को आत्महत्या मानने के प्रति आपत्ति दर्ज करवाई।
जयपुर में मौन जुलूस न्यूगेट स्थित रामलीला मैदान से शुरू हुआ। हजारों की संख्या में जैन श्रद्धालुओं ने हाथ पर काली पट्टी बांध रखी थी। पुरुष श्रद्धालुओं ने संथारा आत्महत्या नहीं के होर्डिंग, तख्तियां थाम रखी थी। मौन जुलूस जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, एमआई रोड, सी- स्कीम होते हुए महावीर मार्ग स्थित महावीर दिगंबर जैन स्कूल पहुंची।
यहां धर्म सभा का आयोजन हुआ। धर्म सभा को जयपुर में चातुर्मास कर रहे विभिन्न दिग बर और श्वेताम्बर जैन मुनियों और आर्यिका माताओं ने संबोधित किया। मौन जुलूस में विभिन्न धर्मोे और संगठनों के लोग भी शामिल हुए।