आडवाणी ने बताया अटल बिहारी वाजपेयी को नंबर वन प्रधानमंत्री
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा कि देश में नरेंद्र मोदी से पहले तक के सभी ...
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा कि देश में नरेंद्र मोदी से पहले तक के सभी 14 प्रधानमंत्रियों की बैलेंस शीट देखी जाए तो अटल बिहारी वाजपेयी नंबर वन हैं।
आडवाणी ने वाजपेयी पर आधारित दो पुस्तकों के लोकार्पण के अवसर पर कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने एक ब्लाग लिखा था, जिसमें देश के 14 प्रधानमंत्रियों की उपलब्धियों और नाकामियों की एक बैलेंस शीट बनाई थी. जिसमें वाजपेयी का प्रदर्शन असाधारण था।
उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भी कई उपलब्धियां हासिल की थी, लेकिन उन्हें चीन से धोखा मिला, जो देश के लिए बहुत बडी क्षति थी। आडवाणी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान से बांग्लादेश को अलग किया, जो बहुत बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन उनके कार्यकाल में देश के लोकतंत्र को सर्वाधिक क्षति पहुंची।
उन्होंने कहा कि वाजपेयी की उपलब्धियां उनकी नाकामियों पर बहुत भारी है और वह सही मायनों में भारत रत्न के हकदार थे। आडवाणी ने कहा कि, वर्ष 2008 में मैंने अटलजी को भारत रत्न देने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा था, लेकिन उन्होंने सिर्फ इतना जवाब दिया कि आपका पत्र मुझे मिल गया, धन्यवाद। अगर वह अटलजी को भारत रत्न देते तो स्वयं मनमोहन सिंह का भी सम्मान होता।
वाजपेयी के साथ अपने 60 वर्षों के अनुभव को याद करते हुए आडवाणी ने कहा कि वह हमेशा अटलजी को अपना आदर्श मानते आए हैं और उन्हीं की तरह बनना चाहते थे लेकिन कभी वैसा नहीं बन पाये। उन्होंने कहा, अटलजी एक बार राजस्थान प्रवास पर आये थे और मुझे उनके साथ रहने को कहा गया था। उनकी हिंदी और भाषण शैली देखकर मुझे लग गया था मैं कभी उनके जैसा नहीं बन सकता।
आडवाणी ने वाजपेयी पर आधारित दो पुस्तकों के लोकार्पण के अवसर पर कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने एक ब्लाग लिखा था, जिसमें देश के 14 प्रधानमंत्रियों की उपलब्धियों और नाकामियों की एक बैलेंस शीट बनाई थी. जिसमें वाजपेयी का प्रदर्शन असाधारण था।
उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भी कई उपलब्धियां हासिल की थी, लेकिन उन्हें चीन से धोखा मिला, जो देश के लिए बहुत बडी क्षति थी। आडवाणी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान से बांग्लादेश को अलग किया, जो बहुत बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन उनके कार्यकाल में देश के लोकतंत्र को सर्वाधिक क्षति पहुंची।
उन्होंने कहा कि वाजपेयी की उपलब्धियां उनकी नाकामियों पर बहुत भारी है और वह सही मायनों में भारत रत्न के हकदार थे। आडवाणी ने कहा कि, वर्ष 2008 में मैंने अटलजी को भारत रत्न देने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा था, लेकिन उन्होंने सिर्फ इतना जवाब दिया कि आपका पत्र मुझे मिल गया, धन्यवाद। अगर वह अटलजी को भारत रत्न देते तो स्वयं मनमोहन सिंह का भी सम्मान होता।
वाजपेयी के साथ अपने 60 वर्षों के अनुभव को याद करते हुए आडवाणी ने कहा कि वह हमेशा अटलजी को अपना आदर्श मानते आए हैं और उन्हीं की तरह बनना चाहते थे लेकिन कभी वैसा नहीं बन पाये। उन्होंने कहा, अटलजी एक बार राजस्थान प्रवास पर आये थे और मुझे उनके साथ रहने को कहा गया था। उनकी हिंदी और भाषण शैली देखकर मुझे लग गया था मैं कभी उनके जैसा नहीं बन सकता।
