'किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं करेंगे जनजाति आरक्षण से छेड़छाड़'
निवाई। जनजाति आरक्षण के लिए मीणा-मीना विवाद को लेकर प्रदेशभर में चल रहे आन्दोलन के दौरान सोमवार को अनुसूचित जनजाति आरक्षण बचाओ संघर्ष समि...
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निवाई। जनजाति आरक्षण के लिए मीणा-मीना विवाद को लेकर प्रदेशभर में चल रहे आन्दोलन के दौरान सोमवार को अनुसूचित जनजाति आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति निवाई के तत्वावधान में मीणा समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में सभा आयोजित करने के बाद वाहन एवं पैदल रैली निकालकर मुख्यंमत्री के नाम उपखण्ड़ अधिकारी को ज्ञापन दिया।
उपखण्ड के विभिन्न गांवों से विभिन्न वाहनों में सवार होकर उपखण्ड़ मुख्यालय पर आए मीणा समाज के स्त्री पुरूष एवं बालकों में राज्य सरकार के प्रति घोर आक्रोश नजर आया। बड़ी संख्या में जुटे समाज के लोगों ने राधा दामोदर कुण्ड़ों पर आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष नरेश मीणा की अध्यक्षता में विशाल सभा का आयोजन किया गया। सभा को सम्बोधित करते हुए समाज के पंच पटेलों ने जनजाति आरक्षण से छेड़छाड़ किसी भी कीमत पर बर्दास्त नही करने का आह्वान किया।
इस दौरान राज्य सरकार की ओर से 30 सितम्बर 2014 को जारी किया गया मीणा-मीना भेदभाव के परिपत्र की घोर शब्दों में निन्दा करते हुए इस आदेश को अविलम्ब वापस लेने की पुरजोर शब्दों में मांग करते हुए राज्य सरकार से न्यायालय में चल रहे मीणा-मीना विवाद में राज्य सरकार से अपना मत स्पष्ट करने की मांग की। इस दौरान संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष नरेश मीणा ने जनजाति आरक्षण को खतरें में बताते हुए समाज से संगठित होकर संघर्ष के लिए आगे आने की अपील की। जिला परिषद सदस्य सीता मीणा ने आरक्षण बचाने के लिए ईट से ईट बजाकर आर-पार की लडाई के लिए समाज के सभी वर्गों को जागरूक होकर आगे आने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मीणा नेता पूर्व सरपंच रामगोपाल मुण्डिय़ां, संघर्ष समिति के संयोजक रामनारायण, पूर्व सरपंच प्रभुलाल, छात्रसंघ अध्यक्ष बाबूलाल मीणा सहित अनेक पंच पटेलों ने अपने विचार व्यक्त किए। इसके बाद मीणा समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में विभिन्न प्रकार के नारे लिखी तख्तियां व झण्ड़े बेनर लेकर शहर के मुख्य मार्गो से नारे बाजी करते हुए वाहन एवं पैदल रैली निकालकर उपखण्ड़ अधिकारी कार्यालय पहुंचें और मुख्यमंत्री के नाम समाज के प्रमुख लोगों ने उपखण्ड़ अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
उपखण्ड के विभिन्न गांवों से विभिन्न वाहनों में सवार होकर उपखण्ड़ मुख्यालय पर आए मीणा समाज के स्त्री पुरूष एवं बालकों में राज्य सरकार के प्रति घोर आक्रोश नजर आया। बड़ी संख्या में जुटे समाज के लोगों ने राधा दामोदर कुण्ड़ों पर आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष नरेश मीणा की अध्यक्षता में विशाल सभा का आयोजन किया गया। सभा को सम्बोधित करते हुए समाज के पंच पटेलों ने जनजाति आरक्षण से छेड़छाड़ किसी भी कीमत पर बर्दास्त नही करने का आह्वान किया।
इस दौरान राज्य सरकार की ओर से 30 सितम्बर 2014 को जारी किया गया मीणा-मीना भेदभाव के परिपत्र की घोर शब्दों में निन्दा करते हुए इस आदेश को अविलम्ब वापस लेने की पुरजोर शब्दों में मांग करते हुए राज्य सरकार से न्यायालय में चल रहे मीणा-मीना विवाद में राज्य सरकार से अपना मत स्पष्ट करने की मांग की। इस दौरान संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष नरेश मीणा ने जनजाति आरक्षण को खतरें में बताते हुए समाज से संगठित होकर संघर्ष के लिए आगे आने की अपील की। जिला परिषद सदस्य सीता मीणा ने आरक्षण बचाने के लिए ईट से ईट बजाकर आर-पार की लडाई के लिए समाज के सभी वर्गों को जागरूक होकर आगे आने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मीणा नेता पूर्व सरपंच रामगोपाल मुण्डिय़ां, संघर्ष समिति के संयोजक रामनारायण, पूर्व सरपंच प्रभुलाल, छात्रसंघ अध्यक्ष बाबूलाल मीणा सहित अनेक पंच पटेलों ने अपने विचार व्यक्त किए। इसके बाद मीणा समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में विभिन्न प्रकार के नारे लिखी तख्तियां व झण्ड़े बेनर लेकर शहर के मुख्य मार्गो से नारे बाजी करते हुए वाहन एवं पैदल रैली निकालकर उपखण्ड़ अधिकारी कार्यालय पहुंचें और मुख्यमंत्री के नाम समाज के प्रमुख लोगों ने उपखण्ड़ अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
